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Majaz Sultanpuri's Discussions (16)

Discussions Replied To (16) Replies Latest Activity

"मैंने तलाश की है मोहब्बत कहाँ कहाँ करवाएगी ये ज़िन्दगी हिजरत कहाँ कहाँ देखा तो उसको…"

Majaz Sultanpuri replied Jul 28, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-85

376 Jul 29, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"जादू वो कोई ऐसा चला कर चले गए दीवाना सारा शहर बनाकर चले गए आना है आपको भी मेरी रुख़स…"

Majaz Sultanpuri replied Jun 23, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84

176 Jun 24, 2017
Reply by Mahendra Kumar

"जो अश्क़ बन के मेरी चश्म-ए-तर से निकला था गुहर की शक्ल में पानी के घर से निकला था पल…"

Majaz Sultanpuri replied May 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

"मोहतरमा janta roy साहिबा सलाम ए ख़ुलूस आपने नायाब साहब के एक शेर पर जो टिप्पणी की है…"

Majaz Sultanpuri replied Jul 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-73

835 Jul 23, 2016
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"शुक्रिया जनाब आपने मेरी बात को समझा... मेरा कहना ये है कि अगर मफ़हूम की वज़ाहत हो रही…"

Majaz Sultanpuri replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"Saurabh Pandey साहब आपने सही फ़रमाया देसज रूप ही है लेकिन रामचरित मानस में गोस्वामी त…"

Majaz Sultanpuri replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मोहतरम भंडारी साहब कहीं कहीं छिन काफ़िया इस्तेमाल किया गया है. जो शब्द  छण का तत्सम र…"

Majaz Sultanpuri replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"सतहे गिरदाब पे उभरा है शनावर देखो इसकी मुट्ठी में दबे हैं कई गौहर देखो हुस्ने यकता…"

Majaz Sultanpuri replied Nov 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"ईमानो यकीं मोहकम, गर अपने नहीं होते जो ख़म है तेरे दर पर, सर अपने नहीं होते नाकाम हु…"

Majaz Sultanpuri replied Oct 23, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"रुबरु  मेरे जो इक गुलफाम है गुफ्तगू उससे ग़ज़ल का नाम है अम्न से बढकर कोई शेवा  नहीं स…"

Majaz Sultanpuri replied Feb 26, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक 32 (Now Closed with 777 Replies)

773 Feb 28, 2013
Reply by Saurabh Pandey

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"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
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दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
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"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
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