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अरुन 'अनन्त''s Discussions (1,480)

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"दीदी नमस्कार कल से आपके टिप्पणियों की प्रतीक्षा कर रहा हूँ अब जाके समाप्त हुई है, दी…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"आदरणीय गणेश सर जी आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा प्रयास सफल हुआ, ओ बी ओ मंच से इतना स्नेह मिल…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"आदरणीय मंच संचालक एवं प्रिय बड़े भाई आप से सराहना पाके ह्रदय प्रफुल्लित हो उठा है तहे…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"सर पुनः आपकी बारी आ गई है आपकी ग़ज़ल ने कल मेरे साथ एक हादसा करते-२ रह गई. मेरी तो खैर…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"गुरुदेव आपकी ग़ज़ल कल से बस पढ़े ही जा रहा हूँ, क्या करूँ दिल मानता ही नहीं. हर दरिन्दे…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"दिल को ज़ख्मी तो कभी चाक जिगर करती है।मुझपे क्यूँ ज़ुल्म तेरी तीरे नज़र करती है॥   क…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"याद आवारा सी जेहन में सफर करती है आह एहसास को फुरकत की नजर करती है  |1| क्या बात है…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"बेटे लन्दन में हैं पेरिस में हैं बेचारी माँ जिंदगी फूस के छप्पर में बसर करती है  वाह…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"वाह सर वाह हमने देखा है यहाँ लोकतंत्र के घर में,सियासत,हुक्मरां के साथ डिनर करती है…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"आदरणीय बाली सर आपकी टिप्पणियां यूँ हर एक शे'र पे पाकर ह्रदय प्रसन्न हो गया, आपके पद…"

अरुन 'अनन्त' replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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