For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मोहन बेगोवाल's Discussions (1,044)

Discussions Replied To (1044) Replies Latest Activity

"  हरजीत जी, गजल का मतला मुझे बहुत ही अच्छा लगा ,बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

" आदरणीय भाई अविनाश जी, इस उम्दा गजल के लिए बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"  कल्पना जी , बहुत सुंदर गजल  व आप जी की गजल का मतला बहुत ही उम्दा है  बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"  ये मंच मुझे गजल कहने की मेरी कोशिश को निखारने के लिए बहुत साथ दे रहा , मैं इस लिए…"

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"  आदरनीय लक्ष्मण जी, गजल का हर शे'र बहुत गहरे अर्थ रखता है , बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"  आदरनीय गुमनाम जी ,आप जी की फलसफी अंदाज से कही शे'री ने बहुत प्रभवत किया , ऐसी शायर…"

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"  अभिनिव जी, आप जी ने बहुत अच्छी शे'री की , बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"   अपनों को समझ कर गैर सदा , परदेश चले तौबा - तौबा कितना  भी  विदेशी  रूप  धरो , वो…"

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"  आदरनीय अजित जी, गजल का मतला खुद ही बहुत कुछ कह गया , क्या कहने , पूरी गजल ही कमाल…"

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"  आदरनीय अविनाश जी, आप जी  का शे'र कहने का  अंदाज बहुत अच्छा लगा , बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
4 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
7 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
16 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service