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"तुझे गम यही कोई आदमी, किसी हाल तुझसे बड़ा न हो... न मशाल है मेरे हाथ मेँ, न तो आसमां…"

vandana replied Nov 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 41 (Now Closed)

697 Nov 30, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"मतले ने गज़ब किया पूरी ग़ज़ल ही काबिले तारीफ है आदरणीया "

vandana replied Nov 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 41 (Now Closed)

697 Nov 30, 2013
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"शुक्रिया आदरणीय चंद्रशेखर जी "

vandana replied Nov 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 41 (Now Closed)

697 Nov 30, 2013
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"आदरणीय निलेश जी गिरह के शेर में आपको क्यों ऐसा लगा अगर आप बताते तो मैं फिर से सोचने…"

vandana replied Nov 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 41 (Now Closed)

697 Nov 30, 2013
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"बिलकुल आदरणीय अरुण जी गलती को सुधारने का प्रयास किया है अब देखिये और राय दीजिये "

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697 Nov 30, 2013
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"आदरणीय प्रबंधन टीम से मेरा विनम्र अनुरोध है कि मतले को निम्न प्रकार संशोधित करने का…"

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697 Nov 30, 2013
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"आदरणीया राजेश मैम.....मेरी इस गलती के लिए मेरा कान पकड़ कर उठक बैठक करना बनता है इस ब…"

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697 Nov 30, 2013
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"एक से बढ़कर एक शेर आदरणीया कल्पना मैम ....संग्रहणीय रचना ....... बहुत बहुत आभार एवं ब…"

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697 Nov 30, 2013
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"-------------------------------- न मिला हमें कोई शख्स वो जो कि जिन्दगी से लडा न हो अ…"

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697 Nov 30, 2013
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"आदरणीय गिरिराज सर बहुत 2 आभार मेरी रचना पर समय देने के लिए  "बस --- कुछ रुक्न शब्दों…"

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697 Nov 30, 2013
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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