For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Tasdiq Ahmed Khan's Discussions (5,167)

Discussions Replied To (4335) Replies Latest Activity

"लघुकथा - तलाश (आकर्षण)मानव अपने माता पिता के साथ लखनऊ के एक शादी हाल में किसी मिलने…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Nov 29, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-80 (विषय: आकर्षण)

35 Nov 30, 2021
Reply by Manan Kumar singh

"ग़ज़ल मेरा दिल ये चाहता है कभी तू भी आ निकल के l मुझे भी मिलेगी मंज़िल तेरे साथ साथ…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Nov 26, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137

81 Nov 28, 2021
Reply by Saurabh Pandey

"जनाब तेज वीर साहिब, दिए विषय पर अच्छी लघुकथा हुई है मुबारकबाद कुबूल फरमाएं "

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 31, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-79 (विषय: मेरे देश में)

27 Oct 31, 2021
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"जनाब मनन साहिब, दिए विषय पर अच्छी लघुकथा  मुबारकबाद कुबूल फरमाएं "

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 31, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-79 (विषय: मेरे देश में)

27 Oct 31, 2021
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"जनाब शहजाद साहिब आ दाब, दिए विषय पर और पारिवारिक परिस्तिथियों को दर्शाती सुन्दर लघुक…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 31, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-79 (विषय: मेरे देश में)

27 Oct 31, 2021
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"जनाब शेख शहजाद साहिब आदाब, आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 30, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-79 (विषय: मेरे देश में)

27 Oct 31, 2021
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"लघुकथा - लोक तंत्र (मेरे देश में)देश में बढ़ते हुए आतंकवाद, फिरका परस्ती, भ्रष्टाचार…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 30, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-79 (विषय: मेरे देश में)

27 Oct 31, 2021
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"मोहतरमा रचना साहिबा, हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136

343 Oct 30, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"जनाब भाई लक्ष्मण धामी साहिब, हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136

343 Oct 30, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"जनाब तमाम साहिब, हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136

343 Oct 30, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
5 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service