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नादिर ख़ान's Discussions (1,566)

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"अच्छी  गज़ल कही आदरणीय महेंद्र कुमार जी  तुझे ख़बर मैं तेरी रहगुज़र से निकला था? ... शा…"

नादिर ख़ान replied May 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

"शानदार गज़ल के लिए मुबारकबाद आदरणीय अजय जी ... हर शेर प्रभावित कर रहा है ...बहुत खूब "

नादिर ख़ान replied May 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

"तमाशबीन थे सारे, जिधर से निकला था वो सुन्नतों का जनाज़ा तो घर से निकला था किए हुये ह…"

नादिर ख़ान replied May 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

"शुक्रिया जनाब ....."

नादिर ख़ान replied May 13, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-79

483 May 13, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय तसदीक़ साहब गजल के लिए मुबारकबाद ॥ वज़्न भी लिख देते तो पढ़ने मे आसानी होती .... "

नादिर ख़ान replied May 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-79

483 May 13, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"तुम्हारी छाँव के मोह ने मुझसे छीन ली है  मेरी धूप बरगद होने का अहम् पाले तुम कहाँ  स…"

नादिर ख़ान replied May 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-79

483 May 13, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मनन कुमार साहब कोशिश अच्छी  हुयी है, बाकि मै तसदीक साहब से सहमत हूँ | शायद आप…"

नादिर ख़ान replied May 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-79

483 May 13, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"   क्षणिकाएँ      (1) पूर्ण विराम तक के सफर में सांसें छोड़ देती हैं जब साथ शख्सियत ज़…"

नादिर ख़ान replied May 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-79

483 May 13, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया सुनंदा जी खूबसूरत गज़ल के लिए मुबारकबाद .. सभी शेर बहुत उम्दगी से कहे गए है,…"

नादिर ख़ान replied Apr 28, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82

679 Apr 28, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"वाह भई वाह आदरणीय अजीत जी बड़ी उम्दा गज़ल कही..... हर शेर लाजवाब है । बहुत मुबारकबाद आ…"

नादिर ख़ान replied Apr 28, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82

679 Apr 28, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

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Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"यह मेरी बेध्यानी का परिणाम है, मुझे और सतर्क रहना पड़ेगा। "
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Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"यह तो ऋचा जी की ग़ज़ल पर कहा था, यहॉं न जाने कैसे चिपक गया। आपकी ग़ज़ल अभी पढ़ी नहीं है।"
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Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"मुझे लगता है कि मूल ग़ज़ल के शेर की विवेचना यह समझने में सहायक होगी कि ऐसी कठिन ज़मीनों पर शेर कैसे…"
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Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
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Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"कुछ भी होना नहीं कि तुझसे कहें रोना धोना नहीं कि तुझसे कहें १ मतले में जो क़ाफ़िया निर्धारित हुआ…"
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Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"ग़ज़ल में बह्र, रदीफ़, क़ाफ़िया का पालन अच्छा हुआ है। ग़म-ए-दौलत मिली है किस्मत से, ये लुटाना नहीं…"
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Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय, मैने तो आना के हिसाब से ही सब काफिया लिखे है। पूरी रचना पर टिप्पणी करते तो कुछ सीखने का…"
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Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
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Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"धन्यवाद ऋचा जी।  गिरह ख़ूब हुई // आप भी मनजीत जी की तरह फ़िरकी ले रहीं हैं। हा हा "
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Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
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