For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नादिर ख़ान's Discussions (1,566)

Discussions Replied To (1525) Replies Latest Activity

"जनाब तसदीक साहब उपयोगी मार्गदर्शन का बहुत शुक्रिया...."

नादिर ख़ान replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"शुक्रिया जनाब आरिफ़ साहब "

नादिर ख़ान replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"उपयोगी सलाह का  शुक्रिया आदरणीय अजय तिवारी साहब हमने आजमाता के आ और कभी के भी को गिर…"

नादिर ख़ान replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"दिन रोज़ नया इक आता है फिर शाम नई इक लाता है वो भूला नहीं कहलाता है जो शाम को घर आ जा…"

नादिर ख़ान replied Mar 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-93

316 Mar 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया प्रतिभा जी उम्दा दोहे कहे आपने बहुत मुबारकबाद ...पाँचवे दोहे में और बेहतर की…"

नादिर ख़ान replied Mar 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"  अच्छे छंद हुये है आदरणीय अरुण कुमार जी बधाई स्वीकारें .. खेत बेच भेजा जिसे, बनने क…"

नादिर ख़ान replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"सुंदर छंद कहे आदरणीय वसुदेव जी बधाई स्वीकारें ...आपकी रचना से प्रेरित होकर हमने भी ब…"

नादिर ख़ान replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"परवरिश तो बीज की होती है खेतों में मगरज़िंदगानी इसको मिलती है नई खलयान में | अल्प समय…"

नादिर ख़ान replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"जनाब आरिफ़ साहब प्रदत्त विषय पर सार्थक रचना हेतु बधाई स्वीकारें ....."

नादिर ख़ान replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"किसान पुत्र (अतुकांत)   वो थके  नहीं हैं खुद से मायूस हैं उन्हें ये आभास ज़रा देरी से…"

नादिर ख़ान replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
23 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service