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लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,212)

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"सुंदर  हाइकू के तहत फंदे शब्द को विभिन्न आयामों में प्रस्तुत करने के लिए हार्दिक  बध…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"शादी को भी गले का फंडा समझते कुछ शादी नहीं रचाते है  शादी लगती गले का फंडा बिन शादी…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"एक सामाजिक  बुराई पर बहुत मार्मिक रचना प्रस्तुत की है आपने आदरणीया तनुजा जी | प्रदत्…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"uमदा गजल रचना के लिए हार्दिक बधाई श्री मनन कुमार सिंह जी  "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"फंदें पर  लाजवाब  रचना हुई  है आदरणीय - जो सुना था शायद सच ही सुना था ,यही कि , अगर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"गर्व अपने होने पर तब भी होता है मुझेकिसान जब मुझसे बैलों को बांधकरहल चलाता है अन्न उ…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"फंदा डाल कर दरख़्त तोड़ने वाले   आज अंजाम से नहीं डरते कल सूरज चाँद पे फंदा डाल बैठे त…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"मेरी उँगलियों को पकड़ कर मुझसे बड़ा बनने वाला मेरा पोता अपनी माँ के अहं के साथ इस घर क…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"जन्म दिवस  के  शुभ कामनाएं   "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"जाने कैसा फंदा है -- वाह  ! बहुत  सुंदर  गजल  के  लिए  बहुत  बहुत  बधाई  श्री  मिथिल…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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Admin posted a discussion

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आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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