For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

babitagupta's Discussions (598)

Discussions Replied To (579) Replies Latest Activity

"एहसानों के बोझ तले इन्सान कभी-कभी गलत फैसले लेकर जीवन को संकट में डाल देता हैं लेकिन…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

" बदलते समीकरण - रिश्तों के... आज ख़ुशी का दिन था,नाश्ते में ममता ने अपने बेटे दीपक क…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"हमने समाज बनाया हैं नं कि समाज ने हमे.नियम कायदे हमी बनाते हैं तो उनको बदलने की जिम्…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"बालमन में उठते निःस्वार्थ भावों को तथा प्रकृति सम अपना आचार-विचार बनाये रखने का संदे…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"सांकेतिक शब्दों द्वारा सत्ता के गलियारे की गाथा उजागर करती लघुकथा,हार्दिक बधाई स्वीक…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"बड़े लोगो की करतूते समझ आते हुए भी उन पर कोई हाथ नही डालना चाहता,वो अपने पाप को सीधे…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"लघुकथा द्वारा बेटे-बेटी के बीच भेदभाव को बताया हैं,वो आज भी अधिकांशतः परिवारों में ह…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"बेहतरीन लघुकथा,ईमानदारी अधिकतर लोगो के आँख की किरकिरी बन कर चुभने लगती हैं,जिसका ईना…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"बेहतरीन रचना के लिए बधाई स्वीकार कीजिएगा.रचना के माध्यम से परिवार की सास बहू की समस्…"

babitagupta replied Jun 29, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")

395 Jul 1, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"रचना पसंद करने के लिए सधन्यवाद।"

babitagupta replied Jun 15, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92

275 Jun 17, 2018
Reply by ASHISH SHRIVASTAVA

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
2 hours ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
3 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन।बहुत सुंदर समसामयिक गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

   ग़ज़ल2122  2122  212 कितने काँटे कितने कंकर हो गयेहर  गली  जैसे  सुख़नवर हो गये रास्तों  पर …See More
6 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . क्रोध

दोहा पंचक. . . . क्रोधमानव हरदम क्रोध में, लेता है प्रतिशोध ।सही गलत का फिर उसे, कब रहता है बोध…See More
9 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service