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लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,212)

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"अब समय आ गया जब हतोत्साहित करने के बजाय नवांकुर को प्रोत्साहत किया जाय वरना नवांकुर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"बाह्य सुन्दरता से अच्छी मन की सुन्दरता ही है जिससे सदा संतोष मिलता है | सहज रूप में…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"भौतिक सुख और आत्मिक सुख को समझाती सुंदर  लघु कथा "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

""समाज के सर्वसमावेशी स्वरूप को समझने का प्रयास आनन्द की परिभाषा का मूल है,पिताजी | "…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"साहस कर असली स्वरूप में सामने की सुंदर सीख देती लघु कथा  के  लिए  बधाई "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"प्यार की परिभाषा समझाने का अलग ही अंदाज बताती सुंदर लघु कथा के लिए बधाई आ. नेहा अग्र…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"लघु कथा पसंद करे सराहने  के लिए हार्दिक  आभार श्री वीरेंद्र वीर मेहता जी "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"लघु कथा पसंद करने  के लिए हार्दिक  आभार  आद. Nita Kasar जी | सादर "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आजकल की राजनीति कौन सा  न्याय सिद्धांत | अंदर झगड़ते और बाहर आकर हाथ मिलाते देखे जाते…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"रिश्वत खोर के  मुहं से नैतिकता के शुब्द कई बार सुनने को मिलते है | "खायेंगे तो बजाये…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

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