For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Archana Tripathi's Discussions (873)

Discussions Replied To (860) Replies Latest Activity

"उम्दा प्रस्तुति आदरणीय विनय कुमार जी,वाकई में जानवर भी ऐसा साथी होता हैं जो विपरीत प…"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"हार्दिक धन्यवाद आपका आदरणीय विनय कुमार सिंह जी"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"आदरणीय प्रतिभा पाण्डेय जी,रचना पर अमूल्य समय देने और स्नेहिल टिप्पणी के लिए हार्दिक…"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"अंतिम पंक्ति के सहारे मैं यही कहना चाह रही हूँ की "पति ने पत्नी के अकेलेपन पर कभी ध्…"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"रचना पढ़कर सिर्फ आह ही निकल रही हैं,दंगा करने के लिये साथी धर्म का निर्वाह!हार्दिक बध…"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"दुखांत के साथ बड़ी सधी हुई कथा लिखी हैं आपने आदरणीय गणेश बागी जी,बड़े ही अफसोस की बात…"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"उम्दा कथा हुई हैं आदरणीय मित्र सुधीर द्विवेदी जी ,हार्दिक बधाई आपको"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"बढ़िया कथा आदरणीय मोहन बेगोवेल जी ।इक कस सही शब्द एक होगा।"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"वाह!आदरणीय तस्दीक अहमद जी मैंने भी कलम को ही साथी बना कथा प्रस्तुत की हैं। बढ़िया कथा…"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी आपने तो रचना का पूर्ण श्रृंगार का रंग रूप बदल दिया।बधाई आपको"

Archana Tripathi replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
16 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service