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vandana's Discussions (1,253)

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"आदरणीय प्रबन्धन टीम से सादर निवेदन कि , रंज ही था न शादमानी थी कुछ अजब तौर की कहानी…"

vandana replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"जी सर गलती हो  गयी   एक बेबह्र मिसरा और गिरह के शेर को लेकर .... "

vandana replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"वो भला इन्किलाब क्या लातीजो कलम ख़ाम नातवानी थीफिर अमावस पयाम दे आई चाँद को खूब बदगु…"

vandana replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"ख़्वाब सहलाती इक कहानी थी रात सिरहाने मेरी नानी थी   वो जो दिखती हैं रेत पर लहरें वो…"

vandana replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"वाह क्या बात है आदरणीया वेदिका जी बहुत ही प्यारा गीत "

vandana replied Nov 15, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 49

463 Nov 15, 2014
Reply by वेदिका

"कैसे छूटूँ इस बन्धन से, ढूँढे सत्य निदान।टूटेगें सब बन्ध एक दिन, कर हरि का गुनगान।।…"

vandana replied Nov 15, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 49

463 Nov 15, 2014
Reply by वेदिका

"  लक्ष्मण कहे विधान,,नियम से चले प्रशासन चले तभी संसार, सभी मानें अनुशासन | बिलकुल…"

vandana replied Nov 15, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 49

463 Nov 15, 2014
Reply by वेदिका

"निगूँहिम्मत कोई क्यूं हो किसी बंधन में बंँधकर     रवानी रेगज़ारों में जगाना चाहता हूं…"

vandana replied Nov 15, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 49

463 Nov 15, 2014
Reply by वेदिका

"सुन्दर भावाभिव्यक्ति आदरणीय सोमेश जी "

vandana replied Nov 15, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 49

463 Nov 15, 2014
Reply by वेदिका

"वास्तव में प्रेम का बंधन ही विस्तार दे सकता है .... बहुत खूबसूरत रचना आदरणीय गोपाल स…"

vandana replied Nov 15, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 49

463 Nov 15, 2014
Reply by वेदिका

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