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Tasdiq Ahmed Khan's Discussions (5,167)

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"ग़ज़लउनकी महफ़िल का यह दस्तूर है दिक्कत क्या हैबैठ चुप लब को हिलाने की ज़रूरत क्या ह…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 24, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 Jun 25, 2022
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"मोहतरमा रचना जी, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied May 28, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28, 2022
Reply by Samar kabeer

"जनाब भाई लक्ष्मण धामी जी, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रि…"

Tasdiq Ahmed Khan replied May 28, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28, 2022
Reply by Samar kabeer

"जनाब अमित जी, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied May 28, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28, 2022
Reply by Samar kabeer

"जनाब दया राम जी, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied May 28, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28, 2022
Reply by Samar kabeer

"जनाब नवीन जी, आप की इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied May 27, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28, 2022
Reply by Samar kabeer

"ग़ज़लआजमाइश करते करते आपने क्या कर दियामेरी उल्फत को ही दिलबर बे सहारा कर दियाजिसको…"

Tasdiq Ahmed Khan replied May 27, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28, 2022
Reply by Samar kabeer

"मुहतरम सौरभ साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया उस श…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Mar 26, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"जनाब अमीर साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Mar 26, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"मुहतरमा रिचा साहिबा, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Mar 26, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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