For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धर्मेन्द्र शर्मा's Discussions (2,538)

Discussions Replied To (1706) Replies Latest Activity

"छन्न पकैया छन्न पकैया, महिमा जी के आगे, मौका मिलते ही प्रभु जी ने, छन्न पकैया दागे"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"छन्न पकैया छन्न पकैया, अपना प्यारा गाँव,बिजली चाहे रहे न रहे, पीपल की है छाँव"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"गज़ब का जवाब है आदरणीय प्रभाकर जी.. निश्चित ही खुसरो और हरिश्चंद्र की आत्मा खुश हो रह…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

":))"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

":))"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"वाह, काव्य के साथ ज्ञान विज्ञान की क्लास भी शुरू हो गयी..बहुत गहरी जानकारी दी आपने ड…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"आदरणीय डॉ. त्रिपाठी जी....इन पंक्तियों ने तो बाँध लिया मुझे फिर से... //राम! न देते…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"कमाल की पोलिश की है अम्बरीश भाई...बधाई हो"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"हा हा हा ...गज़ब की पकड़ है इस भाषा पर भी"

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"तुरंत उदाहरण भी आ गया...वाह आदरणीय अविनाश जी...तुहाडा जवाब नहीं ...."

धर्मेन्द्र शर्मा replied May 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
16 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service