For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Abhinav Arun's Discussions (1,778)

Discussions Replied To (1523) Replies Latest Activity

"ओ बी ओ के सशक्त रचनाकार , छंद विधा के सुविज्ञ श्री रविकर जी को महीने का सक्रिय सदस्य…"

Abhinav Arun replied Jul 3, 2013 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"बहुत सशक्त ग़ज़ल हर शेर जिंदाबाद कामयाब !!"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"न कोई दाव वे जीते न कोई हम हारे  चलो न अब के ये पाली बदल के देखते है  ****** गये पह…"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"बहुत खूब अजय जी सुन्दर और सशक्त ग़ज़ल हुई है  ये जुस्तजू का सफर भी तमाम होने को हैसुकू…"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"हौसला देती ग़ज़ल आदरणीय - न सिर्फ़ बात करें कर के भी दिखायें कुछयहॉं के लोग नतीज़े अमल…"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"चलो की आज बगीचे में चल के देखते हैं, खिले गुलाब चमेली टहल के देखते हैं. क्या कहने अ…"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"किसी मुकाम मिले और हम जुदा हुए थे अब उस राहगुज़र रोज़ चल के देखते हैं वाह बहुत खूब…"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"  मंसूरी जी सुन्दर कोशिश है बहुत बधाई !!"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"ग़ज़ल - हकीकतों की ज़मी पर जो चल के देखते हैं , वही कमान से बाहर निकल के देखते हैं ।…"

Abhinav Arun replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"मुकम्मल ग़ज़ल हर शेर शानदार और लाजवाब कल्पना जी बहुत बधाई !"

Abhinav Arun replied Jun 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service