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निलेश बरई (नवाज़िश)'s Discussions (54)

Discussions Replied To (54) Replies Latest Activity

"इन रास्तों में किसने कहा पेच-ओ-ख़म नहींसबसे बड़ा तो ख़म है की नक्श-ए-क़दम नहीं। 1 एहसास…"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied May 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"माननीय सालिक साहब जी, सादर प्रणाम ग़ज़ल पर सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रियः "

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"सादर प्रणाम आज़ी साहब , ग़ज़ल पर सराहना के लिए बहुत बहुत शुक्रियः"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आ. चेतन जी सादर प्रणाम सराहना के लिए बहुत शुक्रियः व आपकी कही बातों का संज्ञान लूंगा…"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीय धामी जी प्रणाम,  ग़ज़ल पर सरहाना व इस्लाह के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रियः..।"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"सूचना के लिए धन्यवाद आज़ी साहब। उस्ताद साहब जल्दी ठीक हो जाएं ऐसी कामना करता हूँ और…"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीय नादिर जी सादर प्रणाम, बहुत ही अच्छी ग़ज़ल हुई है, तीसरे शेर के लिए ख़ास बधाई।"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीय दिनेश जी नमस्कार, तरही मिसरे पर बहुत ही अच्छी ग़ज़ल हुई है बहुत बहुत बधाई।"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आज़ी तमाम जी आदाब, तरही मिसरे पर बहुत ही उम्दः ग़ज़ल हुई बहुत बधाई ।"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी नमस्कार, बहुत ही उम्दः ग़ज़ल हुई है, बहुत बधाई बेहतरीन ग़ज़ल के…"

निलेश बरई (नवाज़िश) replied Apr 23, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

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