For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Discussions (5,288)

Discussions Replied To (4411) Replies Latest Activity

"आ. भाई हर्ष जी, सराहना के लिए आभार ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार।साथ ही नेक सलाह के…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. भाई बासुदेव जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. भाई अफ्रोज जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. अंजलि जी, गजल पर उपस्थिति और सराहना के लिए आभार ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. भाई मुनीश जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, इस बेहतरीन गजल के लिए बहुत बहुत बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. भाई शिज्जू जी, बेहतरीन प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आ. अंजली जी, अच्छे भवों वाली सुंदर गजल हुई है । गुणी जनों की सलाह से यह और बेहतर हो…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

" आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । गजल का हर शे'र लाजवाब हुआ है कोटि कोटि बधाई । "

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Apr 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
2 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service