For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,212)

Discussions Replied To (2730) Replies Latest Activity

" जी आदरणीय भाई श्री योगराज जी. निश्चित ही मेरा तुकबंदी से प्रथक छंद पर प्रयास ओबीओ स…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Sep 2, 2012 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"श्रष्टि का मूल्य चुकाना है रिश्ते का फर्ज निभाना है | यही एक सामाजिक कार्यकर्त्ता की…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Sep 1, 2012 to एक घोषणा :- प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र "हमारा मेट्रो" आपकी रचनाओं को नियमित प्रकाशित करेगी...

131 Nov 25, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"हर बुलंदी लगेगी क़दम चूमने तुम ज़रा गहरे गोता लगाया करो (७) ----पहले तैरना तो सीखाओ भ…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"जख्म चाहे मिले हों तुम्हे इश्क में आग नफ़रत भरी मत जलाया करो ---बहुत अच्छा सन्देश बधा…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"ज़िन्दगी में जो रिश्वत के कायल रहे उनके कफ्नों में जेबें लगाया करो-------बहुत सुन्दर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"जानकी के भले गीत गाया करो ------------चौथी बार आपके गजल पढ़ रहा हूँ, रहा नहीं जा रहा.…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"गर्दिशों का सफ़र भूल जाया करो .....में मनाऊ तो मान जाया करो.......अमन के गीत गाया कर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"जब कफ़न को मिले तो तिरंगा मिले ल.....ख़्वाब सीने में ये ही सजाया करो ll    रो पड़े न…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"ईद तो हो गयी देखते ही तुम्हें............बांह भर भर गले से लगाया जरो क्या उम्दा मन भ…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"कान कर दो मेरे आप चाहे गरम.......पेट में ना मेरे गुदगुदाया करो पाँच गहने दिला दूं कर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
35 minutes ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
38 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service