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Aazi Tamaam's Discussions (479)

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"सहृदय शुक्रिया जनाब हौसला अफ़ज़ाई के लिये सादर"

Aazi Tamaam replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"क्षमा चाहता हूँ गुरु जी आपकी इस्लाह सर आँखों पर आगे से ऐसा नहीं होगा"

Aazi Tamaam replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"याद में अपनी कटी सब ज़िंदगानी आपकी इस तरह महफ़ूज़ रक्खी है निशानी आपकी ख़ामख़ाह इल्ज़…"

Aazi Tamaam replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"बेमआनी बात पर भी हुक़्मरानी आपकी क्या किसी नश्तर से कम है बद ज़बानी आपकी फ़िक्र की थ…"

Aazi Tamaam replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"बहुत बहुत दिल से शुक्रिया प्रिय गुरु जी तबियत ना-साज़ होने के बाद भी इतनी बारीकी से…"

Aazi Tamaam replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"सहृदय शुक्रिया आ हौसला अफ़ज़ाई और नवाजिशों का सादर"

Aazi Tamaam replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"2122 2122 2122 212 एक तो ये हुस्न उस पर नौ जवानी आपकी अब बचा क्या आज से ये ज़िंदगानी…"

Aazi Tamaam replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"आ धामी सर बेहद दुखद समाचार है विनम्र श्रद्धांजलि"

Aazi Tamaam replied Oct 30, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"22 22 22 22 22 22 22 2 हमने तुमको तुमने हमको दिल से जब आज़ाद किया चैन सुकूँ तो मिल…"

Aazi Tamaam replied Oct 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136

343 Oct 30, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"सहृदय शुक्रिया गुरु जी आप एक बार पहले भी ये बात बता चुके हैं क्षमा चाहूंगा फिर से वह…"

Aazi Tamaam replied Oct 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136

343 Oct 30, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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