For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Discussions (5,004)

Discussions Replied To (2641) Replies Latest Activity

"आदरणीया मंच संचालिका जी   इस अंक की मेरी  रचना संशोधन के साथ पुनः पोस्ट कर रहा हूँ ।…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 22, 2014 to ओबीओ लाइव महा उत्सव, अंक - 47 की समस्त संकलित रचनाएँ

5 Sep 27, 2014
Reply by Dr.Vijay Prakash Sharma

"आदरणीया मंच संचालिका जी   महा उत्सव - 47 की रचनाओं के संकलन के लिये आपका हार्दिक आभा…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 22, 2014 to ओबीओ लाइव महा उत्सव, अंक - 47 की समस्त संकलित रचनाएँ

5 Sep 27, 2014
Reply by Dr.Vijay Prakash Sharma

"आदरणीया राजेश कुमारी जी, " काव्य कलश "  के शुभ  विमोचन एवं  उसके सफल आयोजन हेतु हार्…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 22, 2014 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ भाईजी, हिंदी दिवस पर इलाहाबाद में आयोजित परिच्रर्चा/ गोष्ठी में आपके और…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 18, 2014 to इलाहाबाद में ’हिन्दी दिवस’ आयोजित, सम्मानित हुए साहित्यकार

17 Oct 4, 2014
Reply by rajesh kumari

"आदरणीय रमेश भाई,  रचना को समय देने , विचार प्रकट करने और प्रशंसा के लिए हृदय से धन्य…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 47

457 Sep 14, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय अरुण भाईजी, सत्य ब्रह्म है सत्य ईश है , शेष सभी को मिथ्या जानपरम आत्मा चाहे क…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 47

457 Sep 14, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय खुर्शीदजी , पुरानी यादें ताज़ा हो गई।  रचना को समय देने , विचार प्रकट करने और…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 47

457 Sep 14, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"सत्य की हो जाती है मौत, तब मिलता है न्याय। उसी पल नया जनम होता है, फिर सहता अन्याय॥…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 47

457 Sep 14, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय खुर्शीदजी, सत्य की सुंदर महिमा गाई, स्वीकार करें मेरी बधाई।"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 47

457 Sep 14, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय अखंड भाई  परिवार और देश  दुनिया की सच्चाई को बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 47

457 Sep 14, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
19 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
21 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service