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kanta roy's Discussions (2,219)

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"उड़ रहीं हैं तितलियाँ किनके लिये!वज्द में हूँ मैं भी क्या जिनके लिये!----अति  सुन्दर…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"सरहदों के मसअले सुलझे कहाँजंग जारी है सियाचिन के लिए....बहुत  खूब ,आदरणीय दिनेश  जी…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"काम जब तेरे न कोई आएगाकुछ बचा ले यार उस दिन के लिये.... वाह !  क्या  बात  है  ! बेहत…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"फूल भेजे थे कभी जिनके लियेवो हुए मेरे न इक दिन के लिये----बहुत   खूब आदरणीय रिजवान  …"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"पार दरिया के उतरना था हमें,            कश्तियों को बेच कर तिनके लिये. ----बहुत  खुबस…"

kanta roy replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"आयोजन  की  सफलता  हेतु सभी  मित्रजनों  को  बधाई  प्रेषित  है . "

kanta roy replied May 24, 2016 to ओबीओ, लखनऊ चैप्टर वार्षिकोत्सव-2016

56 Jun 1, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"ओबीओ मंच का यह सम्मान आपको मिलना बहुत खुशी की बात है आदरणीया कल्पना जी । "महीने का स…"

kanta roy replied May 16, 2016 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"आदरणीय रामबली जी की कविताओं में कोमलता , सरसता से परिपूर्ण उफनते हुए भावों की अभिव्य…"

kanta roy replied May 16, 2016 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

"जी ,आपने याद दिलाया तो मुझे भी फिल्म याद आया । आपके कहे का अनुसरण करते हुए अभ्यासरत…"

kanta roy replied May 14, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-67

620 May 15, 2016
Reply by Samar kabeer

"बिलकुल सही कह रहे है आप आदरणीय मिथिलेश जी , रचना रौशनी को संदर्भित नहीं कर पाई है ।…"

kanta roy replied May 14, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-67

620 May 15, 2016
Reply by Samar kabeer

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Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
13 hours ago
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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
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 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
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दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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