For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Discussions (5,288)

Discussions Replied To (4411) Replies Latest Activity

"आ. सुनन्दा जी, प्रदत्त विषय पर उत्क्रिष्ट छन्द रचे है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 14, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110

27 Dec 15, 2019
Reply by sunanda jha

"आ. भाई छोटेलाल जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 14, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110

27 Dec 15, 2019
Reply by sunanda jha

"प्रथम प्रस्तुति - दोहा छंद जो कुल नारी का करे, देवी सा सत्कारउस कुल लेते जन्म हैं, अ…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 14, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110

27 Dec 15, 2019
Reply by sunanda jha

"आदरणीय भाई सौरभ पांडे जी को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 3, 2019 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. भाई तेजवीर जी , सादर अभिवादन। बेहतरीन कथा हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-56 (विषय: समय)

35 Nov 30, 2019
Reply by Manan Kumar singh

"आ. भाई शेखशहजाद जी, बेहतरीन कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 29, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-56 (विषय: समय)

35 Nov 30, 2019
Reply by Manan Kumar singh

"आ. भाई अजय जी, अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 29, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-56 (विषय: समय)

35 Nov 30, 2019
Reply by Manan Kumar singh

"आ. भाई मनन जी, अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 29, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-56 (विषय: समय)

35 Nov 30, 2019
Reply by Manan Kumar singh

"आ. भाई महेंद्र जी, सादर आभार।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"आ. भाई मनन कुमार जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद ।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
12 minutes ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service