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Tilak Raj Kapoor's Discussions (2,083)

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"जब ज़िन्दगी का चेहरा अचानक उलट गया हर शख्स अपने जिस्म में दर से सिमट गया (ऐ जि़न्‍दगी…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"कैसी नदी थी मैं कि रही जो थमी हुईकैसा था वो पहाड़ जो रस्ते से हट गयापहली दफ़ा मिली (म…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"सोते में कितना खुश था,बहुत चैन था मुझेखुलते ही आँख ख्वाब का मंज़र उलट गया । वाह। क्‍…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"चाहा मुझे  था' तूने' दिलों जान से कभी मैं तो वही हूँ' फ़िर क्यों' तिरा प्यार घट गया …"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"वाह। बहुत खूब रही ग़ज़ल। वाह। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"आपका प्रयास सराहनीय है और मैं आश्‍वस्‍त हूँ कि आप अच्‍छी ग़ज़ल कह सकेंगे अगर भाषा की…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"गुज़रेंगे वह कभी तो यहां से ये सोच कर रस्ते को घर बना के यहीं पर मैं डट गया। वाह, क्‍…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"ग़ज़ल के बारे में एक बात साफ़ होना ज़रूरी है कि शेर अपनी कहन से जाने जातेे हैं। अच्‍…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"जो अब्तरी ए ज़ीस्त से उकता के डट गयेतक़्दीर मे जो सा़फ़ था लिख्खा पलट गया. किसी स्थ…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"वाह। बहुत खूब ग़ज़ल हुई। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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