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लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,212)

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"गजल  विधा में मद्यपान की बुराइयों को बखूबी इंगित किया है, बधाई श्री अरुण शर्मा अनंत…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"जीवन में जितने तरह के नशे होते है, चाहे काम क्रोध लोभ मद मोह के, या पीने-पिलाने के ल…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया मंच संचालिकाजी,ओबीओ लाइव महोत्सव अंक-३१ में दाखिले का प्रयास सादर  उसको कहन…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"बहूत सुन्दर कुंडलियाँ छंद जो सुर को असुर और इंसान को हैवान बना देता है |  विष का ही…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"बहुत सुन्दर छंद रचना छंद का दुसरा और अंतिम पहरे तो लाजवाब है, वाह ! बहुत खूब ! हार्द…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"क्या खूब कल्पना की है, मनुज का शारीर शारीर होता है, उसे बोतल समझ शराब अपने तन में ही…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"सुन्दर और अंतिम परिणिति तक पहुच कर ही दम लेती आपकी रचना के लिए बहुत बहुत बधाई  कहो ह…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"ढेरों बधाई, ढेरो इस शानदार बोतल छंद घनाक्षरी के लिए भाई अलबेला खत्री जी, गजब का घर भ…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"जय बोलो उस बागी का  बागी जो  मधुशाला का  अवसर दे जो कहने का ले जाओ ऑडियो मधुशाला, पि…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"करो न बंद मधुशाला  ले ऑडियो मधुशाला आये जो पीने हाला दो उनको स्वर प्याला  करो न बंद…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 10, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31

1141 May 13, 2013
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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
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"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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