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Mahendra Kumar's Discussions (2,169)

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"गाँव की मिट्टी से सनी भीनी-भीनी ख़ुशबू वाली इस बढ़िया ग़ज़ल के लिए शेर दर शेर दाद पेश है…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बढ़िया ग़ज़ल है आदरणीय सागर जी। हार्दिक बधाई। 'और' का अधिक प्रयोग थोड़ा खटक रहा है। देख…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय कालीपद जी, इस ग़ज़ल के लिए मेरी तरफ से ढेरों बधाई। ऐसे ही प्रयास करते रहें। शुभ…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बढ़िया मतला है आदरणीय बासुदेव जी। इसके लिए आपको विशेष बधाई। ग़ज़ल में अभी भी सुधार की स…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय बासुदेव अग्रवाल जी, इस ग़ज़ल के लिए मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत बधाई। गुणीजनों क…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"ज़ुल्फ़ घटाएं, होंठ कमल दल, नयन झील, कोकिल वाणी प्रिये तुम्हारी रूप राशि के सकल खजाने…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुरेन्द्र जी, बचपन की यादों को बहुत ही खूबसूरती से सजाया है आपने अपनी ग़ज़ल में…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"ज़ह’न जुलाहा जाने कब से बुनता था कुछ ख़्वाबों को,हाय!! वस्ल के दिन ही सारे उन्हें बहान…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"नीली नीली ऊन में लिपटे दो दस्ताने याद आयेऔर उन्हीं के साथ कहीं से दर्द पुराने याद आय…"

Mahendra Kumar replied Dec 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-78

563 Dec 24, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"विनम्र श्रद्धांजली!"

Mahendra Kumar replied Dec 22, 2016 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

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