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धर्मेन्द्र शर्मा's Discussions (2,538)

Discussions Replied To (1706) Replies Latest Activity

"आदरणीय आलोक जी... बहुत ही भावपूर्ण ग़ज़ल! आपकी प्रत्येक रचना में एक जीवन दर्शन छिपा हो…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय डा. ब्रजेश त्रिपाठी जी, बहुत ही बढ़िया भाव आपकी ग़ज़ल में हैं. ये पंक्तियाँ दिल…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"इमरान भाई. बहुत सुन्दर ग़ज़ल कही एक बार फिर आपने. ये शेर तो दिल को छु गया //उठाया न…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय अरविन्द जी, //समझने लगे दाम को आशियाना, परिंदे खुले आसमाँ में उड़ा दे .....//…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"प्रभु जी, आपकी सभी टिप्पणियों को मैं पढने के बाद "आँख मूँदकर" सहमति देता हूँ."

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//सभी में  पुरानी अदावत मिटा दें, चलो जिन्दगी को मोहब्बत बना दें.// वाह अम्बरीश भाई…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"अब मैं बहु-मंजिली इमारत में रहता हूँ अब वो टपकती छत कतई परेशान नहीं करती, उफन के आत…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

"बहुत सुन्दर प्रयास है आपकी और से शन्नो जी. "

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

"रामदीन के दर्द को बखूबी शब्द दिए हैं आपने रेणु जी. बहुत मर्मस्पर्शी रचना. हार्दिक बध…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

"आदरणीय भक्तिप्रसाद जी, बहुत सुन्दर रचना. बस बरखा की एक फुहार पड़ कर रह गयी. आशा है अग…"

धर्मेन्द्र शर्मा replied Jul 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

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