For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कवि - राज बुन्दॆली's Discussions (239)

Discussions Replied To (201) Replies Latest Activity

"मॆरॆ गीत.............--------------------अँधियारी रातॊं मॆं मुझकॊ,राह दिखानॆ वालॆ,मॆ…"

कवि - राज बुन्दॆली replied Feb 7, 2011 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

"वाह, अब तॊ ओ.बी.ओ. की लोकप्रियता में चार चाँद लग जायेंगे, और कविताऒं का भी सही मूल्य…"

कवि - राज बुन्दॆली replied Feb 7, 2011 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

"नवीन जी,,,,,,,,,,,, प्रणाम,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, आपनॆ आदॆश दिया था ओ.…"

कवि - राज बुन्दॆली replied Feb 3, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४-(Closed Now)

584 Feb 3, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय सिंह साहब ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, मुझॆ कम्प्युटर चलाना बहुत कम आता है, मैं गीत भ…"

कवि - राज बुन्दॆली replied Feb 3, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४-(Closed Now)

584 Feb 3, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बारहमासी,,,,,,,,,,,,_________________________अमुआ जामुन महुआ बौराने, बौराने साधू संत…"

कवि - राज बुन्दॆली replied Feb 3, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४-(Closed Now)

584 Feb 3, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"sundar rachanaa hai,"

कवि - राज बुन्दॆली replied Feb 3, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४-(Closed Now)

584 Feb 3, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"वही मिला है जग मॆं सब कॊ, जिसनॆं जॊ कुछ बॊया,मिला ललाट कलंक किसी कॊ,कॊई सम्मान संजॊय…"

कवि - राज बुन्दॆली replied Jan 5, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-३

518 Jan 6, 2011
Reply by Shesh Dhar Tiwari

"शिव पार्वती संवाद..........____________________________________________________पार्व…"

कवि - राज बुन्दॆली replied Jan 5, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-३

518 Jan 6, 2011
Reply by Shesh Dhar Tiwari

"सुन्दर रचना है,,,,,,,,,,,,बधाई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,  "

कवि - राज बुन्दॆली replied Jan 5, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-३

518 Jan 6, 2011
Reply by Shesh Dhar Tiwari

"एक और अच्छी पॊस्टिंग ,बधाई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,"

कवि - राज बुन्दॆली replied Jan 5, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-३

518 Jan 6, 2011
Reply by Shesh Dhar Tiwari

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
12 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service