For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नादिर ख़ान's Discussions (1,566)

Discussions Replied To (1525) Replies Latest Activity

"चुप है समाज बिटिया के अधिकार पे, कहीं छीने भाई बाप बेटी का निवाला है, माताएं तो जन्म…"

नादिर ख़ान replied Feb 8, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"फूल-कलियों से मुलायम सोच ले कर धमनियों के रक्त को आवाज़ दें गंध को विस्तार दें बस प्य…"

नादिर ख़ान replied Feb 8, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"बहुत खूब अदरणीय योगराज जी, जबरदस्त शुरुआत की है आपने ... बहुत सुंदर, प्यारी,कोमल मुक…"

नादिर ख़ान replied Feb 8, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-40

867 Feb 10, 2014
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीय अशोक रक्ताले जी, आपने हमारी कोशिश को सराहा आपका बहुत बहुत शुक्रिया ..."

नादिर ख़ान replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"अगर संभव हो तो एडमिन जी से कुछ पंक्तियों में परिवर्तन की दरख्वास्त है ।   नाम अल्लाह…"

नादिर ख़ान replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय डॉ आशुतोष जी सभी उम्दा शेरों के लिए आपको ढेरों बढ़ाइयाँ ..."

नादिर ख़ान replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"मोम का बुत न समझिये कि पिघल जाऊँगी   आग हाथों से उठाकर मैं निगल जाऊँगी  ..... क्या क…"

नादिर ख़ान replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"वाह आदरणीय अनंत जी कमाल की गज़ल कही आपने.. सभी शेर उम्दा हैं ।"

नादिर ख़ान replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"वाह आदरणीय गजेंद्र जी शान दार प्रस्तुति  हाथ में बर्फ के गोले सा रखा हूँ मैं तो उम्…"

नादिर ख़ान replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय गुमनाम जी हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया........"

नादिर ख़ान replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service