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kanta roy's Discussions (2,219)

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"आपकी तर्क बुद्धि की रक्षा पंक्ति को भेद रहा है रोज रोज़ कोई न कोई फन्दा ..... वाह !!!…"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"वाह !!!!! बडी ही शानदार गजल हुई हैै ये । हर अशआर में एक चोट एक तमक सी है । बधाई अापक…"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"बहुत ही सुंदर यथार्थ परक रचना हुई है । बधाई आपको आदरणीया तनुजा जी"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"विषय विशेष की इतनी सुंदर विविध दृष्टिकोण में फंदे के फंद की विवेचना बडी ही शानदार हु…"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"जीवन के विविध आयामों पर गढी गई प्रत्येक हाईकू बेहद खूबसूरत रचि है आपने । बधाई आपको आ…"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आपके तीनों रचना बहुत ही सुंदर हुई है । वेलेंटाइन डे का छंद तो मौसम के विपरीत होते हु…"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"जर्द हकीकत ने धो डाले सपनो के संसार यहाँ दिल रहता है कितना बेकल, जाने कैसा फंदा है .…"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"जीवन के इस द्वंद में फँस गया हूँ फंद में काली गहरी मन कोठरियां रेंग रही तन पर छिपकल…"

kanta roy replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

प्रधान संपादक

"आयोजन खत्म हुआ और संकलन भी आ गई । कथा देखते हुए मानस पटल पर फिर से आयोजन में हुए सार…"

kanta roy replied Aug 2, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 में स्वीकृत लघुकथाएँ

24 Aug 3, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"बढिया प्रयास हुआ है आपका आदरणीया रेखा मोहन जी । अभी आपकी शुरूआत है लेखन की तो जाहिर…"

kanta roy replied Jul 31, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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