For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

शिज्जु "शकूर"'s Discussions (2,379)

Discussions Replied To (2183) Replies Latest Activity

"फिर वही ग़म वो सरगिरानी थी फिर वही तन्हा ज़िंदगानी थी   फिर वही दिन वही मुहब्बत और त…"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"बहुत खूब आदरणीय भुवन जी बहुत बहुत बधाई आपको"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"बहुत बढ़िया आदरणीय दिनेश कुमार जी बहुत बहुत बधाई इस ग़ज़ल के लिये"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीय मिथिलेश जी लाजवाब ग़ज़ल कही है बहुत बहुत बधाई आपको"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीया पूनम जी इस ग़ज़ल के लिये हार्दिक बधाई स्वीकार करेंसादर,"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 52

300 Oct 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"आदरणीय बेगोवाल जी ये आपकी अब तक की बेहतरीन ग़ज़ल है मेहनत रंग ला रही है बधाई आपको।"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 52

300 Oct 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी ग़ज़ल बहुत अच्छी है सादर बधाई आपको।बाकी तो चर्चाएँ हो ही च…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 52

300 Oct 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"आदरणीय अरुण सर लाजवाब ग़ज़ल है वाह हर शेर दिल में अलग ही असर छोड़ रहा है बहुत बहुत ब…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 52

300 Oct 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"आदरणीय सौरभ सर आप जैसे वरिष्ठ रचनाकारों के अनुमोदन से बहुत हौसला मिलता है। आपकी प्रत…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 52

300 Oct 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"आदऱणीय अजीत शर्मा सर आपका हार्दिक आभार"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 52

300 Oct 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
1 hour ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service