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kanta roy's Discussions (2,219)

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"हमारा दौर मशीनों का ऐसा जंगल है जहाँ पे दूर तलक आदमी की बू ही नहीं...... वाह !!! क्य…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"ओह , अब समझी ! जी सही कहा आपने " जंगजू " एक शब्द जो नहीं समझ पाई थी जिसके कारण शेर क…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"कभी तो चश्मे उबल जाते थे तेरे दम से अब आसपास यहाँ कोई आबजू ही नहीं ....... बहुत खूब…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"बेहतरीन गजल हुई है आपकी ये भी आपके सभी गजलों की तरह । देखिए जरा ये शेर भी कितनी शानद…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"जिगर से दर्द गया आँख से लहू ही नहीं हमारे सीने में अब तेरी आरज़ू ही नहीं ...... वाह !…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"वाह !!!! बेहद शानदार गजल हुई है आदरणीय दिनेश जी । चंद पंक्तियों में सारे जमाने समेट…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"टपक पड़े जो इन आँखों से वो लहू ही नहीं । रग़ों में आग बहा दे वो जुस्तजू ही नहीं ॥.....…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"वाह !!! क्या खूब गजल की आगाज़ हुई है ! इस बार की दी हुई मिसरा भी लाजवाब है कि " मेरी…"

kanta roy replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

प्रधान संपादक

"बहुत बहुत आभार आपको ब्लाॅग्स पोस्ट संबंधी बातें विस्तार से बता कर हम सबका मार्गदर्शन…"

kanta roy replied Aug 13, 2015 to सभी रचनाकारों के ध्यानार्थ

11 Aug 16, 2015
Reply by Omprakash Kshatriya

सदस्य टीम प्रबंधन

"हृदयतल से आभार आपको आदरणीया डा. प्राची जी ।"

kanta roy replied Aug 9, 2015 to ओबीओ लाइव महोत्सव अंक-58 की समस्त रचनाएं एक साथ

39 Aug 30, 2015
Reply by Janki wahie

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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
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