For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

satish mapatpuri's Discussions (1,788)

Discussions Replied To (1378) Replies Latest Activity

"दूर वीराने में एक गाँव बसा कर देखो,प्रीति का गीत वहाँ आज ये गा कर देखो..............…"

satish mapatpuri replied Oct 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"दूसरी प्रस्तुति [प्रस्तावना --- आदरणीय राजेन्द्र जी ने मूड क्या बदला कि हम भी अछूते …"

satish mapatpuri replied Oct 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"मैं तो हर रोज़ करूँ आपके सर की मालिश।मेरा सर भी तो कभी आप खुजाकर देखो। लाज़बाब ......…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"तुम समझ न सकोगे दूरियो की तड़प को; अंधेरा होता है क्या, रोशनी को हटा कर देखो. बहुत…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"ग़मज़दा रह के ज़माने को हंसा कर देखो हौसला हो तो ये अंदाज़ बना कर देखो अभिनव ........…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"दिन दिवानो के कितने मुश्किल से कटते है, कोइ दिन साथ जरा उनके बिताकर देखो...खुबसूरत ख…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"छोडिये अपना पराया ,क्या दिया अपनों ने ? गैर से भी प्यार अपना तुम जता कर देखो लाख टके…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"घास डाली नहीं जिसने, न कभी बात करी. बात तब है जो उसे, आज पटा कर देखो.. बहुत खूब ....…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"क्या ज़रूरी है कि हर काम का कुछ हासिल हो हरक़ते-फ़ालतू में वक़्त गंवा कर देखो     सच कह…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"आ उठा कर बांह झगडे भूल सारे गैरअहम, आज बिछड़ों को ज़रा सीने लगा कर देखो।   कौन मेरा? ह…"

satish mapatpuri replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service