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kanta roy's Discussions (2,219)

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प्रधान संपादक

"आखिर आप लघुकथा गोष्ठी का आगाज़ करने में सफल रहे।  बधाई हो अदरणीय रवि जी। "

kanta roy replied Sep 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-6 (विषय: प्रत्युत्तर)

1313 Oct 1, 2015
Reply by Archana Tripathi

प्रधान संपादक

"वाह !!! क्या सुंदर ,अद्भुत भाव हुए हैं कथा के। "कीचड़" पर यकींन और  अपने कर्मो पर विश…"

kanta roy replied Sep 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-6 (विषय: प्रत्युत्तर)

1313 Oct 1, 2015
Reply by Archana Tripathi

प्रधान संपादक

"" वेल मेंटेन्ड अर्थ " ----- प्रत्युत्तर प्रकृति का चलते - चलते साँस थमने लगी और वह…"

kanta roy replied Sep 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-6 (विषय: प्रत्युत्तर)

1313 Oct 1, 2015
Reply by Archana Tripathi

"वाह !!!! बडी़ सलीकेदार भाव से सजी ये गजल हुई है । हकीम के बस का है नहीं ये मर्ज मेर…"

kanta roy replied Sep 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-63

645 Sep 26, 2015
Reply by D.K.Nagaich 'Roshan'

"जो बद्दुआ भी उधर जाए तो दुआ ही लगे | अजब दरख़्त है पतझड़ में भी हरा ही लगे | ...... वा…"

kanta roy replied Sep 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-63

645 Sep 26, 2015
Reply by D.K.Nagaich 'Roshan'

"जहां अवाम की तहज़ीब गंग- जमुनी हो। तमाम दुनियवी मुल्कों में वो जुदा ही लगे॥ .......…"

kanta roy replied Sep 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-63

645 Sep 26, 2015
Reply by D.K.Nagaich 'Roshan'

"बहुत खूब गजल बनी है आपकी । बधाई स्वीकार करें आदरणीय रौशन जी । सादर"

kanta roy replied Sep 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-63

645 Sep 26, 2015
Reply by D.K.Nagaich 'Roshan'

"उन आँखों को पढ़ा हूँ मै हरिक दिन इतना कि अब वो चुप भी गर रहें तो सब कहा सुना ही लगे .…"

kanta roy replied Sep 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-63

645 Sep 26, 2015
Reply by D.K.Nagaich 'Roshan'

"रही न बात नयी इश्क के फ़साने में अब किसी का दर्द सुनो कुछ सुना-सुना ही लगे .... वाह !…"

kanta roy replied Sep 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-63

645 Sep 26, 2015
Reply by D.K.Nagaich 'Roshan'

"मुहब्बतें हैं अता दरमियाँ हमारे ऐसी मैं डूब तुझ में जाऊँ तो भी फ़ासला ही लगे........…"

kanta roy replied Sep 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-63

645 Sep 26, 2015
Reply by D.K.Nagaich 'Roshan'

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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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