For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धनपशु का पुरस्कार

देश में अलग-अलग विधाओं व उपलब्धियों पर पुरस्कार दिए जाने की परिपाटी है। इन पुरस्कारों के लिए चुनिंदा नाम पर मुहर लगती है, मगर भ्रष्टाचार के दानव के मुखर होने के बाद इन दिनों मैं सोच रहा हूं कि देश में एक और पुरस्कार दिए जाने की जरूरत है और वो है, धनपशु पुरस्कार। देश में एक-एक कर भ्रष्टाचार की हांडी फूट रही है और टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाला, कामनवेल्थ घोटाला, आदर्श सोसायटी घोटाला तथा इसरो घोटाला के भ्रष्टाचार लोक से धनपशुओं का पदार्पण हो रहा है। भ्रष्टाचार कर देश को खोखला करने वाले ऐसे धनपशुओं को निश्चित ही पुरस्कार मिलना चाहिए, क्योंकि ऐसी करतूत, भला कोई आम जनता करने की हिम्मत जुटा सकती है ?


अब धनपशुओं की वेरायटी तैयार होने लगी है, क्योंकि देश की अन्य पुरस्कार की तरह यहां चुनिंदा हुनरमंद की कमी नहीं है। धनपशुओं के सम्मान किसे दें, इस पर भी अब बहस शुरू हो सकती है। देश को जिसने ज्यादा लूटा, वही इस धनपशु पुरस्कार वाजिब हकदार हो सकता है। ऐसे में यहां भी किसी एक नाम पर सहमति बनना मुश्किल है, क्योंकि देश में एक से बढ़कर एक, घोटालेबाज व भ्रष्टाचारी हैं और इस भ्रष्टाचारी लोक से ऐसे-ऐसे धनपशु बाहर आ रहे हैं, जिनकी तिजोरियों में नोट, इस तरह भरे पड़े मिल रहे हैं, जैसे कोई रद्दी कागज को कहीं भी फेंक देता है। ऐसी कई परिस्थिति बन रही है, जिससे यह पहचान करना टेढ़ी खीर साबित हो रही है कि देश में आखिर सबसे बड़ा धनपशु कौन है ? धनपशु पुरस्कार के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा मच गई है।


मैं भी कई दिनों से सिर खपा रहा हूं कि जब धनपशु पुरस्कार दिया जाना शुरू किया जाएगा तो इस पुरस्कार का पहला हकदार कौन होगा ? मैंने विचार किया, क्यों न, मधु कोड़ा का नाम तय किया जाए, इसके बाद मुझे ख्याल आया कि देश में और भी नाम हैं, जैसे- ए. राजा, सुरेश कलमाड़ी। इन नामों पर मैं विचार कर ही रहा था कि इसरो घोटाले की धमक शुरू हो गई और एक बड़ा धनपशु का काला चेहरा सामने आ गया। देश के भ्रष्टाचार लोक में धनपशुओं का जैसा जमावड़ा शुरू हो गया है और एक नाम को देश की जनता ठीक से समझ पाती है, वैसे ही एक और बड़ा नाम धनपशु बनकर उभरता है। यही कारण है कि मैं लगातार सोच रहा हूं और यह तय करने कोशिश कर रहा हंू कि आखिर कौन हो सकता है, धनपशु पुरस्कार का वाजिब हकदार। आज हालात ऐसे दिखाई दे रहे हैं, जैसे इस पुरस्कार के चर्चा शुरू होने के बाद धनपशुओं में होड़ मच गई है। लगता है कि अभी धनपशु पुरस्कार के लिए और समय-सीमा बढ़ानी पड़ सकती है, क्योंकि कई नाम कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। अब आप ही बताएं कि किसे दें, धनपशु पुरस्कार ?


राजकुमार साहू
लेखक व्यंग्य लिखते हैं


जांजगीर, छत्तीसगढ़
मोबा - 098934-94714

Views: 233

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on March 9, 2011 at 9:15am
बहुत खूब राजकुमार साहू जी, धनपशुओं पर बहुत ही तीखा कटाक्ष किया है आपने | बधाई इस सुंदर व्यंग लेख पर |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

रामबली गुप्ता posted a blog post

कर्मवीर

आधार छंद-मनहरण घनाक्षरी सुख हो या दुख चाहें रहते सहज और, जग की कठिनता से जो न घबराते हैं। स्थिति…See More
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर और समसामयिक नवगीत रचा है आपने। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

दोहा पंचक - आचरण

चाहे पद से हो बहुत, मनुज शक्ति का भान। किन्तु आचरण से मिले, सदा जगत में मान।। * हवा  विषैली  हो …See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई तिलक राज जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार। 9, 10…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। गजल का प्रयास अच्छा हुआ है। कुछ मिसरे और समय चाहते है। इस प्रयास के…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। गजल का प्रयास अच्छा हुआ है। आ. भाई तिलक राज जी के सुझाव से यह और…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई अजय जी, प्रदत्त मिसरे पर गजल का प्रयास अच्छा हुआ है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
" आदरणीय तिलक राज कपूर साहब,  आप मेरी प्रस्तुति तक आये, आपका आभारी हूँ।  // दीदावर का…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई लक्ष्मण सिंह धानी ' मुसाफिर' साहब हौसला अफज़ाई के लिए  आपका बहुत-बहुत…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आपने खत लिखा उसका ही असर है साईंछोड़ दी अब बुरी संगत की डगर है साईं धर्म के नाम बताया गया भाई…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"ग़ज़ल पर अपनी बारीक़-नज़र से टिप्पणी करने के लिए आपका आभार आदरणीय तिलकराज जी।  एक प्रश्न है: इस…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service