For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

एक निर्झर नदी सी बहो 

खिलखिलाती हुई कुछ कहो 

फासले अब नहीं दरमियां 

आंच है,उम्र है,गरमियां

अब तो सम्बन्ध हैं इस तरह 

जैसे हों झील में मछलियां 

थाम लेंगे  तुम्हे  कूल  ये 

पास जब और कोई न हो 

गम मिले तो हँसे  हम बहुत 

दर्द से कोई यारी नहीं 

पल रहे हैं नयन में सपन 

नींद में अब खुमारी नहीं 

चांदनी मुस्कुराती लगे 

प्यास अब तो न कोई कहो 

_______________प्रो. विश्वम्भर शुक्ल ,लखनऊ 

(मौलिक ,अप्रकाशित )

Views: 467

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on July 1, 2013 at 6:10pm

बहुत खूबसूरत नवगीत 

हर पंक्ति में थिरकन है..माधुर्य है..रवानी है..ज़िंदगी है 

प्रथम बंद पर तो मनमुग्ध है..बहुत बहुत बधाई इस सुन्दर रचना के लिए 

सादर.

Comment by अरुन 'अनन्त' on June 24, 2013 at 10:16pm

वाह आदरणीय बहुत ही सुन्दर मनोहारी नवगीत रचा है आपने, मेरी ओर से हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by बृजेश नीरज on June 24, 2013 at 9:24pm

बहुत ही सुन्दर नवगीत रचा है आपने! आपको मेरी हार्दिक बधाई!

Comment by Savitri Rathore on June 24, 2013 at 7:40pm

एक निर्झर नदी सी बहो 

खिलखिलाती हुई कुछ कहो

आदरणीय विश्वम्भर जी,

सादर प्रणाम !

आपका नवगीत अत्यंत सुन्दर एवं मर्मस्पर्शी बन पड़ा है ........हार्दिक बधाई !


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on June 24, 2013 at 3:58pm

आदरणीय विश्वम्भर शुक्ल जी, आपके इस नवगीत ने अंतर के कोमल तंतुओं को झंकृत किया है. शिल्प, भाव, शब्द, कथ्य हर कुछ इतना उच्च है कि मैं आपकी इस प्रस्तुति को बार-बार पढ़ रहा हूँ.  और मुग्ध हो रहा हूँ.

एक निर्झर नदी सी बहो .. इस एक पंक्ति ने देर तक रोके रखा, क्योंकि खिलखिलाते हुए कुछ कहने  का निवेदन लिये आती है यह पंक्ति.

फासले अब नहीं दरमियां
आंच है,उम्र है,गरमियां
अब तो सम्बन्ध हैं इस तरह
जैसे हों झील में मछलियां.. . .  ओह्होह ! एक-एक पंक्ति अथाह है. इन्हें यों ही कहा ही नहीं जा सकता.

आपके अपार अनुभवों के सापेक्ष आपकी प्रस्तुति सुगढ़ हुई है. और मेरे अंदर का पाठक संतुष्ट हुआ है.

सादर बधाई, आदरणीय

Comment by aman kumar on June 24, 2013 at 3:49pm

गम मिले तो हँसे  हम बहुत 

दर्द से कोई यारी नहीं 

पल रहे हैं नयन में सपन 

नींद में अब खुमारी नहीं 

आपके गीत मे जीवन आदर्श है जो एक बाकिफ उम्र पर प्राप्त हो ता है |

अच्छा सा

 गीत ! आभार !

Comment by वेदिका on June 24, 2013 at 3:05pm

सुंदर गीत …

एक निर्झर नदी सी बहो 

खिल खिलाती हुयी कुछ कहो 

 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
5 hours ago
Admin posted discussions
6 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
6 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service