For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

स्वप्न सत्य सा लखता जाऊँ...

तुमको जब मैं संग न पाऊँ
व्याकुल मन कैसे समझाऊँ 
बेकल हो यह सोच रहा कैसे
तुझसे तुझको मैं चुराऊँ

मृदु भावों से कलम भरी है 
प्रीत भरी मन की नगरी है
धन वैभव प्रिय पास न मेरे 
शब्द बना मोती बरसाऊँ

मिलो जो तुम तो खो जाऊं मैं 
जुदा स्वयं से हो जाऊँ मैं 
स्वप्न अगर ये स्वप्न ही सही 
स्वप्न सत्य सा लखता जाऊँ

आठों पहर साथ हो तेरा 
जीवन का हर सांझ सवेरा 
नाम तेरे कर दूँ, सौरभ बन 
श्वांस में तेरी मैं घुल जाऊँ ll—प्रवीण कुमार ‘पर्व’

Views: 491

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by praveen on December 10, 2012 at 12:50am

Er. Ganesh Jee "Bagi" सर सादर आभार आपका..


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 9, 2012 at 9:35am

//तुमको जब मैं संग न पाऊँ
व्याकुल मन कैसे समझाऊँ 
बेकल हो यह सोच रहा है
तुम्हे तुम्ही से क्यों न चुराऊं//

वाह वाह शानदार अभिव्यक्ति |

मिलो अगर तो मैं खो जाऊं
जुदा स्वयं से मैं हो जाऊँ

स्वप्न अगर तो स्वप्न सही ये
स्वप्न सत्य सा लखता जाऊँ

वाह , बहुत ही सुन्दर भाव , बधाई हो |

Comment by praveen on December 8, 2012 at 11:19pm

seema agrawal दीदी हार्दिक आभार आपका..

Comment by seema agrawal on December 8, 2012 at 7:34pm

सुन्दर प्रभावशाली गीत प्रवीण जी   

मिलो जो तुम तो खो जाऊं मैं 
जुदा स्वयं से हो जाऊँ मैं 
स्वप्न अगर ये स्वप्न ही सही 
स्वप्न सत्य सा लखता जाऊँ...पंक्तियों के लिए विशेष बधाई 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"                        सभी सदस्यों को…"
1 hour ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"                 दिल लगाना नहीं कि तुम से कहें,  …"
2 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"इश्क़ तो है मगर ये इतनी भी शा'इराना नहीं कि तुझ से कहें साफ़ गोई सुनोगे क्या तुम ये अहमकाना…"
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"एक सप्ताह के लिए सभी चार आयोजन के द्वार खुल गए। अच्छी बात ये है कि यह एक प्रयोग है ..... लेकिन…"
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई छंद ++++++++   ठंड गई तो फागुन आया। जन मानस में खुशियाँ लाया॥ आम  लगे सब हैं…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सच फ़साना नहीं कि तुझ से कहें ये बहाना नहीं कि तुझ से कहें दिल अभी जाना नहीं कि तुझ से कहें ग़म…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सादर अभिवादन "
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी की नमस्कार, यूँ तो आज आयोजन प्रारंभ ही हुए हैं और किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है,…"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
Tuesday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"स्वागतम"
Tuesday
Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
Tuesday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"स्वागतम"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service