For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जीवन मुझसे हरदम जीता ,

मै सदा सदा इससे हारा ,,

आकुल मन पिंजर बंद हुआ ,

कातर घायल यह बेचारा ,,

अति गहन तिमिर में व्याकुलमन,

विस्मृति से मुझे उबारे कौन,,

यह बुद्धि मनीषा किससे पूछे,

निर्जर भी सब हो गए मौन ,,

कुसुमित होता था कुसुम जहां ,

वह बगिया भी अब सूख गई ,,

निर्झरिणी बहती थी जहां सदा,

वह अमिय जाह्नवी सूख गई ,,

हा करुणा करुण विलाप करे ,

पर नेत्र नही हैं पनियाले ,,

तट बंध भ्रमित हो यह प्रश्न करे ,                                                            

कहाँ नीर है किसे संभाले ,,

Views: 607

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अश्विनी कुमार on April 1, 2012 at 12:59am

प्रिय अनुज ,स्नेहाशीश ,, शब्द थे मन मे गहरे दबे हुए जिनमे से कुछ शब्दों को यहाँ मंच पर रख दिया ,,....हार्दिक आभार 

और हाँ मुशायरे को व्यस्तता के कारण समय नही दे पाया :( लेकिन क्या करें मार्च है तो बस मार्च है और जब समय मिला तो पता चला यहाँ भी क्लोजिंग हो गई :)

Comment by वीनस केसरी on March 29, 2012 at 4:10pm

गहरी रहस्यवादी पंक्तियाँ ...

Comment by अश्विनी कुमार on March 28, 2012 at 8:19am

आदरणीय प्रदीप जी आदरणीय शाही जी स्नेही अनुज चातक ,,एवम अग्रज बागी जी ,तथा सौरभ जी ;;को यथोचित हार्दिक अभिवादन तथा स्नेहाशीश ... अग्रज बागी जी प्रवाह मे बाधा को दूर करने का प्रयत्न करता हूँ ,... आप सभी का हार्दिक आभार .....||जय भारत ||


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 27, 2012 at 10:02pm

अन्यमनस्कता नहीं बल्कि रीतापन. ’कुछ नहीं’ नहीं बल्कि ’कुछ’ के ’नहीं’ होने का भाव. रचना में व्याप्त नैराश्य भय से कंपाता नहीं, व्यथित करता है. कहाँ गयी सुषमा.. प्रकृति-सुषमा ? कहाँ गया हमारा विस्तार.. भावनात्मक विस्तार ?

इन अन्तर्प्रवाहित सकारात्मक किन्तु कचोटती हुई भाव-पंक्तियों के लिये भाई अश्विनीजी को हार्दिक बधाइयाँ.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on March 27, 2012 at 8:40pm

आदरणीय अश्वनी जी , कविता में समाहित भाव की यदि बात करे तो निसंदेह बहुत ही बढ़िया है, मुझे केवल प्रवाह में अटकाव महसूस हो रहा है, एक बार जरा प्रवाह पर कसे , सच कहता हूँ चार चाँद न लग गए तो कहियेगा, बहरहाल बधाई स्वीकार करे |

Comment by Chaatak on March 27, 2012 at 4:09pm

कहाँ नीर है किसी संभालें !
कविता की अंतिम पंक्ति पर पहुँचते-पहुँचते आपने मन को बिलकुल व्याकुल कर दिया| भावों के साथ शब्दों और सुरों की ये जुगलबंदी लाजवाब है| नजर न लगे भाई!

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on March 27, 2012 at 1:36pm

ADARNIYA ASHVINI JI SADAR,

कुसुमित होता था कुसुम जहां ,

वह बगिया भी अब सूख गई ,,

निर्झरिणी बहती थी जहां सदा,

वह अमिय जाह्नवी सूख गई ,,

BAHUT SUNDAR BHAV KE SATH SUNDAR PRASTUTI, BADHAI.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
1 hour ago
Admin posted discussions
2 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service