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Rajeev Gupta
  • 25, Male
  • New Delhi
  • India
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Rajeev Gupta's Discussions

क्या इस गलती को सुधारा नहीं जा सकता ?

Started this discussion. Last reply by Saurabh Pandey Nov 23, 2011. 2 Replies

आज़ाद भारत के गुलाम लोग है हम ! हमारे लिए क्या चुनाव ? हम तो राज्य विधान सभा , स्थानीय निकाय और पंचायत यहाँ तक कि सहकारी संस्थाओं में भी कोई वोट नहीं डाल सकते क्योंकि हमें तो कोई वोटिंग आधिकार ही नहीं…Continue

 

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"BAHUT ACHHA...LAGE RAHO....... "
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Saurabh Pandey replied to Rajeev Gupta's discussion क्या इस गलती को सुधारा नहीं जा सकता ?
"भाई राजीवजी,  कश्मीर की मौज़ूदा परिस्थितियों पर आपके तथ्यपरक तथा सम्यक विचार आज दुबारा पढ़ रहा हूँ.  पहली दफ़ा इसे पढ़ कर मैंने टिप्पणी भी प्रेषित की थी लेकिन कुछ कारणों से वह टिप्पणी मुझ से ही डिलीट होगयी जिसका मुझे आज तक दुख…"
Nov 23, 2011
Ravi Kumar Giri (Guru Jee) replied to Rajeev Gupta's discussion क्या इस गलती को सुधारा नहीं जा सकता ?
"bhai sahab itna jwalant mudda uthane ke liye aapko koti koti dhanyavaad"
Nov 22, 2011
Rajeev Gupta posted a blog post

आखिर समस्या कहाँ हैं ?

आज ऑफिस जाना कैंसिल....कितनी अच्छी बारिश हो रही है ....है न गीत ? नारायण ने अपनी पत्नी कम दोस्त ज्यादा , अर्धांग्नी गीत से बरामदे में लगे झूले पर झूलते हुए चाय की चुस्की के साथ  पूछा ( सभी पात्र और नाम काल्पनिक हैं ) ! सही कह रहे हो....चलो आज मै भी छुट्टी मार लेती हूँ .... पता नहीं क्यों आज बारिश बहुत अच्छी लग रही है ....? बारिश में भीगने का मन कर रहा है....कहते हुए गीत ने अपनी चाय का कप झूले से उठकर पास की टेबल पर रखा और बरामदे के सामने वाले छोटे से गार्डन में भीगने के लिए चली गयी....बचपन में हम ऐसे ही भीगते थे दोनों हाथ दोनों दिशा में फैलाये , घूमते हुए , आसमान की तरफ अपनी दोनों आँखे बंद कर , अपना मुंह किये हुए गीत ने नारायण से कहा ! अच्छा तो तुम्हे बारिश बहुत अच्छी लगती है ...लेकिन तुमने कभी बताया ही नहीं ? नारायण ने गीत से कहा ! सर जी , कभी आपने मुझसे पूछा ही नहीं ....झट से गीत ने मजाकिया लहजे में नारायण को जबाब दिया !  मिट्टी की खुशबू कितनी अच्छी आ रही है न ....गीत ने नारायण से कहा ! सही कहा आपने मैडम जी ..अपनी नाक सिकोड़ते हुए , लेकिन गीत का दिल रखने के लिए नारायण ने गीत को जबाब…See More
Nov 11, 2011
Rajeev Gupta posted a discussion

क्या इस गलती को सुधारा नहीं जा सकता ?

आज़ाद भारत के गुलाम लोग है हम ! हमारे लिए क्या चुनाव ? हम तो राज्य विधान सभा , स्थानीय निकाय और पंचायत यहाँ तक कि सहकारी संस्थाओं में भी कोई वोट नहीं डाल सकते क्योंकि हमें तो कोई वोटिंग आधिकार ही नहीं है ! आज भी हमारे बच्चों को जिन्होंने कश्मीर की सरजमीं पर जन्म लिया है , वो कश्मीरी नागरिकता से वंचित है ! उद्योग धंधे के लिए राज्य सरकार से कर्ज प्राप्त करने की बात तो छोडो हमारे बच्चे के लिए तो भारत सरकार के पैसो से चलने वाले मेडिकल, कृषि या इंजीनियरिंग कॉलेजों के दरवाजे भी बंद  है , पर कश्मीर के दूसरे मजहब के लोगो के लिए पूरा सरकारी महकमा उनके स्वागत के लिए बाहें फैला कर रखता है ! हमें किसी मजहब से कोई शिकायत नहीं है बस शिकायत है ऊपर वाले से कि तूने हमें ऐसा दिन क्यों दिखाया ? क्या है हमारा दोष ? यही कि हम विभाजन के समय पकिस्तान से उजड़ कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा मानकर यहाँ आ कर बस गए ! परन्तु इतने वर्षों के बाद भी आज तक हम गुलामों से भी बदतर जीवन जीने के लिए मजबूर है ....! वोलवो बस की ऊपर वाली सीट पर लेटा हुआ मै दो व्यक्तियों की इन बातों  को बड़े ध्यान से सुन रहा था ! इतने में…See More
Nov 10, 2011
Rajeev Gupta updated their profile
Nov 10, 2011
PREETAM TIWARY(PREET) left a comment for Rajeev Gupta
Jul 21, 2011
Admin left a comment for Rajeev Gupta
Jul 16, 2011
Rajeev Gupta is now a member of Open Books Online
Jul 15, 2011

Profile Information

Gender
Male
City State
New Delhi
Native Place
New Delhi
Profession
Manager , Pvt. Company
About me
Simple Living High Thinking

Rajeev Gupta's Blog

आखिर समस्या कहाँ हैं ?

Posted on November 10, 2011 at 8:32pm 1 Comment

आज ऑफिस जाना कैंसिल....कितनी अच्छी बारिश हो रही है ....है न गीत नारायण ने अपनी पत्नी कम दोस्त…
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At 12:41pm on July 21, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 10:42am on July 16, 2011, Admin said…
 
 
 

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