For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ASHISH SHRIVASTAVA
Share on Facebook MySpace
  • Feature Blog Posts
  • Discussions (161)
  • Events
  • Groups
  • Photos
  • Photo Albums
  • Videos

ASHISH SHRIVASTAVA's Friends

  • Aswini Kumar
  • JAIRAJ SINGH
  • jawahar singh
  • Biswa Bijoy Sinha
 

ASHISH SHRIVASTAVA's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
BHOPAL MP
Native Place
SAGAR
Profession
SCRIPT WRITER
About me
राष्ट्रीय और प्रादेशिक दैनिक, साप्ताहिक मासिक समाचार-पत्र, पत्रिकाओं में लेखन कार्य, आकाशवाणी, दूरदर्शन एवं न्यूज चैनल में विशेष कार्यक्रम, जेल बंदियों के सुधार, पार्क विकास, पर्यटन प्रोत्साहन, स्वरोजगार और प्रेरक सेवा कार्यां पर आधारित सामाजिक वृत्तचित्र निर्माण, गीत, कविता, स्लोगन स्वयंसेवी संगठनों के समसामयिक विशेषांक में लेखन, प्रकाशन कार्य। शताब्दियों की यात्रा, श्री राम महिमा, स्वरोजगार से सफलता, उद्यमिता, खेत और बाजार, साइंस टेक एन्टरप्रेन्योर, कुरूक्षेत्र, समाज कल्याण, अहा जिंदगी, मधुरिमा में लेखन/प्रकाशन कार्य स्क्रीनप्ले लेखन, स्टोरी आइडिया लेखन, प्रकाशन की प्रतीक्षा में 2 पुस्तकें

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:57pm on May 17, 2025, Erica said…

I need to have a word privately,Could you please get back to me on ( mrs.ericaw1@gmail.com)Thanks.

At 9:17pm on May 11, 2018, ASHISH SHRIVASTAVA said…

लक्ष्य कैसे पाएंगे....?

लक्ष्य तो साधा ही नहीं, सफलता कैसे पाएंगे
योजना कुछ बनाई नहीं, मंजिल कैसे पाएंगे

सही पथ का चयन करके
इच्छा शक्ति बढ़ाना होगी
मार्गदर्शन लेकर हमें
रणनीति बनाना होगी

विश्वास जो सोया रहा, निर्णय कैसे ले पाएंगे
फूल तो उगाए नहीं, सुगंध कैसे पाएंगे

करना है सार्थक जीवन
तो परिश्रम करना होगा
ऊंचा उठने के लिए
कड़ा संघर्ष करना होगा

बिना अभ्यास के हम-तुम, कैसे जीत पाएंगे
खेतों को जो भुला दिया, रोटी कैसे पाएंगे

सीखना होगा कौशल हमें
दृढ़ संकल्प लेना होगा
शक्तिशाली विचारों संग
धैर्य भी रखना होगा

डर निकाला न जो मन से, आगे कैसे बढ़ पाएंगे
पेड़ तो लगाए नहीं, फल कहां से हम पाएंगे

स्वप्न साकार करना है
तो प्रेरणा लेना होगी
कष्ट भी भोगना होगा
तैयारी रखना होगी

घबराके जो पीछे हटे, नवाचार न कर पाएंगे
गांव तो पीछे छोड़ दिए, प्रेम सच्चा कहां पाएंगे

लक्ष्य तो साधा ही नहीं, लक्ष्य कैसे भेद पाएंगे
योजना कुछ बनाई नहीं. मंजिल कैसे पाएंगे।

मौलिक, अप्रकाशित

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service