For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

UMASHANKER MISHRA's Discussions (986)

Discussions Replied To (316) Replies Latest Activity

"अलौकिकता ..वाह   अरे! तेज उजियारा कैसा, प्रिय का रूप भला है कैसा।मात्र रश्मियाँ पुञ्…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत सुन्दर सार छंद चित्र के अनुरूप "

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"उगता सूरज सबको भाये, डूब रहा सिर्फ़ 'एक' पाये।। चिता सजाकर दाग लगाये, अपनापनभरपूर जता…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"पञ्चतत्व की मानव काया | श्वाँस मिली तो जीवन पाया || छूटा जब साँसों का बंधन | मिला दह…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"दैहिक दैविक भौतिक हर दुख  सूक्ष्म तरंगें व्याप गयी हैं । परिणतियाँ पर कहाँ नयी हैं ?…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"चित्र को सार्थक करती यह प्रस्तुति बहुत लाजवाब है "

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"अखिलेश कृष्ण जी  आपकी चौपाई अंतिम यात्रा सीधे साधे शब्द में बहुत उत्तम बातें कह गई व…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"  आदरणीय डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी अत्यंत मार्मिक ये चौपाई गीत ने रुला दिया  बहु…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

" आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी प्रस्तुत चित्र पर आपके नजरिये ने आनंदित किया  बहुत बहु…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"  नतमस्तक  हैं हम  मज़ा आ गया, आपसे छन्न प्रति छन्न बतियाना पढ़ कर  जादू है आपके लेखनी…"

UMASHANKER MISHRA replied Feb 20, 2016 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 58

598 Feb 21, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
4 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
6 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
Mar 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Feb 28
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Feb 28

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service