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shree suneel's Discussions (310)

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"करने लीला कृष्ण की, सज-धज के तैयार कृष्ण प्रेम ने तोड़ दी, मजहब की दीवार.. बहुत सुन्द…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"मन को मोहती है ये प्रस्तुति आदरणीया. हार्दिक बधाई आपको इस सुन्दर भावपूर्ण रचना के लि…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"इच्छा है रिश्ते बने , जैसे वो सीमेंट भाव चित्र के कर प्रभु , सच में पर्मानेंट... बहु…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"पीले कपड़ों में सजे ,मुरली को ले हाथ मोहन तेज़ी से चले ,माता भी है साथ...बहुत ख़ूब . च…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव सर जी, चित्र का कुंडलिया और दोहों में सुन्दर विवरण के…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"चित्र से संगत करता सुन्दर दोहा गीत के लिए बहुत-बहुत बधाई आपको आदरणीय रवि शुक्ला जी.…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"चित्र का बहुत हीं सूक्ष्मता से अवलोकन किया है आपने आदरणीय फिर एक एक पर सुन्दर दोहे र…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"बहुत हीं सुन्दर मनभावन रोला छंद. चित्र को शब्दों में उतार दिया आपने गंग जमुनि तहजीब,…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"चित्र के अनुरूप अच्छे दोहे गढ़े हैं आपने आदरणीय पंकज कुमार मिश्र जी. हार्दिक बधाई आप…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

"बंशीधर आगे चले, थामे माँ का हाथ कौन किसे लेकर चला, पूछे ये फुटपाथ दृश्य अमन-सद्भाव क…"

shree suneel replied Sep 19, 2015 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-53

580 Sep 19, 2015
Reply by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"

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