For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धार्मिक साहित्य Discussions (167)

← Back to धार्मिक साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

जयतु मातु

द्रुतविलम्बित छंद।।।,  ऽ।।,  ऽ।।,  ऽ। ऽ.................................जयतु मातु दया सुख दायनीभगत वत्सल शोक विनाशनीजगत मातु दया तुम कीजिये…

Started by रमेश कुमार चौहान

0 Sep 30, 2014

हे गजानन

वसन्तिलका वर्णिक छंदऽ ऽ  । ऽ ।  ।  ।ऽ  ।  । ऽ  । ऽ ऽहे वक्रतुण्ड़ गण नायक विघ्नहारी। हे पार्वती तनय भक्तन हीतकारी।।हे वर्ण अक्षर रूपा प्रभु…

Started by रमेश कुमार चौहान

1 Sep 30, 2014
Reply by rajesh kumari

उपालंभ वंदना

           (गणेश का कथन पार्वती से ) देखो मातु, शारदा है आपकी विचित्र अति मेरी  लेखनी  का  अंग-भंग  कर  देती है I   चिन्तना में डूबता हूँ…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

3 Sep 30, 2014
Reply by rajesh kumari

दोहे (प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा )

दोहे (प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा ) वंदना श्री गणेश जी , वंदहु श्री हनुमान वंदना माँ सरस्वती , दीजिए विद्या दान माधव चरण शीश धरे, अर्जुन माँग…

Started by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

3 Sep 30, 2014
Reply by rajesh kumari

श्रीकृष्ण स्मरण

जन्माष्टमी पर विशेष                                                         मनमोहन  माधव मधुसूदन I वात्सल्य रसामृत से जिनके ब्रज का आप्यायि…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

5 Sep 30, 2014
Reply by rajesh kumari

गणेशाष्‍टक

धरा सदृश माता है माँ की परिकम्मा कर आये। एकदन्‍त गणपति‍ गणनायक प्रथम पूज्‍य कहलाये।।1।।   लाभ-क्षेम दो पुत्र ऋद्धि-सि‍द्धि‍ के स्‍वामि गजान…

Started by Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'

1 Sep 30, 2014
Reply by rajesh kumari

दोहे // प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा //

दोहे // प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा //-------------------------------------राम नाम लिये बगैर करते हैं जो काज जीवन सदा दुखी रहे जान लीजिये राज…

Started by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

0 Aug 2, 2014

बाबा की महिमा

बसे है वो पहाड़ो में वहीं सबको बुलाते है बुला कर पास अपने वो सभी का गम मिटाते हैं।। सजा है काफिला कैसा कभी आ कर जरा देखो कठिन है राह फिर भी…

Started by Akhand Gahmari

0 Jul 20, 2014

माँ के चरणों मे कुछ छन्न पकैंया छंद -- (प्रथम प्रयास)

छन्न पकैंया छन्न पकैंया माँ की जोत जलाऊँ |मेवा कदली लौंग लाइची उनको भोग लगाऊँ || छन्न पकैंया छन्न पकैंया छम छम पायल बाजे |जयकारा मइया का गा…

Started by Meena Pathak

2 Apr 8, 2014
Reply by Meena Pathak

भजन - मेरे साईं ( अन्नपूर्णा बाजपेई )

  तेरी आँखों मे वो नूर है साई  जब भी विकल हो शरण मे आई  तूने संभाला है मुझको मेरे साईं  गले से हर बार तूने लगाया है साईं  मेरे साईं .......…

Started by annapurna bajpai

0 Apr 2, 2014

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
3 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
yesterday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service