For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धार्मिक साहित्य Discussions (168)

← Back to धार्मिक साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

प्रभु नीलकंठ त्रिनेत्र धारी आपको प्रणाम हैं ,

प्रभु नीलकंठ त्रिनेत्र धारी आपको प्रणाम हैं , रक्षा कर संघार कर जो कर ये तेरा काम हैं , प्रभु ... सबको अमृत देने वाले विष लेते आप ही , झोप…

Started by Rash Bihari Ravi

2 Sep 1, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

खंडकाव्य : जय गणेश

जय गणेश - सर्ग १ - उपसर्ग १ छंद : दोहा   है ग्यारह आयाम से, निर्मित यह संसार सात मात्र अनुमान हैं, अभी ज्ञात हैं चार।   तीन दिशा आयाम हैं,…

Started by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

2 Aug 2, 2011
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

प्रभु की रेल.

प्रभु की रेल. थक जाते हैं लोग जब, कष्ट हजारो झेल, कम बिगड़ते देख कर ,बुद्धि होती फेल. दुश्मन धक्का मारता,हँसे ठठाय ठठाय, हित भी मुखड़ा फेरत…

Started by R N Tiwari

1 May 9, 2011
Reply by कमल वर्मा "गुरु जी"

Abhay Deepraaj krit - Saraswatee vandanaa - 2

अभय कान्त झा दीपराज कृत -              सरस्वती वंदना - २ हे   वीणावादिनी,   हंसवाहिनी,   हमें   ज्ञान  का  वर  दे | देवतुल्य  मानवता  से …

Started by Abhay Kant Jha Deepraaj

0 Apr 26, 2011

Dharmik Sahitya

is manch par aaake kuch dharmik vicharon se parichit hui hoon..aagae aur padhne ki iccha hai..

Started by Devi Nangrani

0 Mar 1, 2011

भोला हैं अघरदानी सारा ये दुनिया माने मन में यही उतार ले ,

भोला हैं अघरदानी सारा ये दुनिया माने मन में यही उतार ले , हर हर महादेव के नाम ले भाई हर हर महादेव के नाम ले , डमरू बजने वाला दुःख घटाने वाल…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Feb 24, 2011

"मेरे मन मधुबन में आओ"

मेरे मन  मधुबन में आओ-२- श्याम हम झूला झूलें रे  प्रेम के हिंडोले पर मुझको बिठाकर श्याम प्रीत की पींगे बढ़ावो रे श्याम हम ...............…

Started by vandana gupta

2 Jan 19, 2011
Reply by vandana gupta

Abhay Kant Jha Deepraaj Krit - Hanumaan Ram ko sandeshaa do......................By Abhay Deepraaj

अभय कान्त झा दीपराज कृत-          हनुमान , राम को संदेशा दो......                हनुमान,  राम  को   जाकर  ये  संदेशा  दो-   प्रभु  आ  जायें…

Started by Abhay Kant Jha Deepraaj

1 Jan 18, 2011
Reply by vandana gupta

Abhay Kant Jha Deepraaj Krit - Prarthanaa .................................By Abhay Deepraaj

अभय कान्त झा दीपराज कृत -                      प्रार्थना मैं   विवेक  के  गंगा  जल से,  सारे जग  का  मल  धोऊँ |हे  प्रभु  मुझको  शक्ति  दे,…

Started by Abhay Kant Jha Deepraaj

0 Jan 13, 2011

Abhay Kant Jha Deepraaj Krit - Chakradhar Stuti.....................by Abhay Deepraaj

 अभय कान्त झा दीपराज कृत -                    चक्रधर स्तुतिराम बन कब ? आओगे, प्रभु कृष्ण बन कब ? आओगे |अपने  भक्तों को भला प्रभु ,  कब  तलक…

Started by Abhay Kant Jha Deepraaj

0 Jan 12, 2011

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore posted a blog post

प्यार का पतझड़

एक दूसरे में आश्रय खोजतेभावनात्मक अवरोधों के दबाव मेंकभी ऐसा भी तो होता है ...समय समय से रूठ जाता…See More
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"प्रारम्भ (दोहे) अंत भला तो सब भला, कहते  सब ये बात। क्या आवश्यक है नहीं, इक अच्छी…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"आदरणीय  जयहिंद रायपुरी जी अच्छा हायकू लिखा है आपने. किन्तु हायकू छोटी रचना है तो एक से अधिक…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"हाइकु प्रारंभ है तो अंत भी हुआ होगा मध्य में क्या था मौलिक एवं अप्रकाशित "
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"स्वागतम"
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Apr 8
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद ' जी सादर अभिवादन प्रथम तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ देरी से आने की…"
Apr 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा दशम. . . . . उम्र

दोहा दशम् . . . . उम्रठहरी- ठहरी उम्र अब, करती एक सवाल ।कहाँ गई जब जिंदगी, रहती थी खुशहाल ।।यादों…See More
Apr 6
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय Jaihind Raipuri साहिब, नमस्कार। बढ़िया ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। /ये मेरा…"
Apr 3
आशीष यादव added a discussion to the group धार्मिक साहित्य
Thumbnail

चल मन अब गोकुल के धाम

चल मन अब गोकुल के धाम अद्भुत मनहर बाल रूप में मिल जाएंगे श्याम कि चल मन अब……………………….कटि करधनी शीश…See More
Apr 3
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अशोक भाईजी धन्यवाद ... मेरा प्रयास  सफल हुआ।"
Mar 31
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह वाह वाह !!! बहुत दिनों बाद ऐसी लाजवाब प्रतिक्रिया पढने में आई है। कांउटर अटैक ॥ हजारों धन्यवाद…"
Mar 31

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service