For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाल साहित्य Discussions (213)

← Back to बाल साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

पढ़ने का टाइम (बाल कविता) - राहुल देव

मिल जाय मुझको बस खाना, कपड़ा-लत्ता बड़ी बेकार पढ़ाई यारों पढ़ने-लिखने में मन नहीं लगता काश न होते विद्यालय होते न अध्यापक जो मन आता वो करते हम…

Started by Rahul Dev

4 Dec 12, 2013
Reply by Rahul Dev

गुड़िया का ब्याह ( बाल कविता )

सजी सजीली नन्हीं गुड़िया शरमाई आफत की पुड़िया मिल कर उसका ब्याह रचाया मंडप प्यारा खूब सजाया बजती है ढोलक शहनाई मस्ती में बाराती भाई पकवानो…

Started by vandana

1 Dec 12, 2013
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

नया साल

नया साल जब आता हैनई उमंगे लाता हैहर गुलशन का भरे चमन काफूल फूल मुस्काता हैहिंदू मुस्लिम सिख ईसाईसबका दिल खिल जाता हैनिर्बल को नव संबल मिलता…

Started by NEERAJ KHARE

1 Dec 12, 2013
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

लोरी (संजू शब्दिता)

झिलमिल तारे गाते सारे सोजा सोजा कान्हां रे तेरी ये दो नन्हीं अँखियाँ मेरी सारी दुनिया रे गुनगुन करती निंदिया है आयी परियों के घर से सपने ह…

Started by sanju shabdita

5 Nov 30, 2013
Reply by sanju shabdita

बत्तख और भैंस

तालाब की लहराती लहरों में किलकारियां करती हुई भैंस को देख पास में तैरती बत्तख ने पूछा- ''बहन आज बहुत खुश लग रही हो,क्या बात है?'' भैंस-''सच…

Started by Vindu Babu

2 Nov 20, 2013
Reply by Vindu Babu

''चाचा नेहरु''

चाचा नेहरु ऐसे थे----! चाचा नेहरु ऐसे थे।। भारत के अमर सपूतों की, अमर रहे वो  कहानियां।जिनके बीच खड़े थे नेहरु, ले कानून की बोलियां।।अंग्र…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

4 Nov 15, 2013
Reply by Shyam Narain Verma

गुरु का आओ सम्मान करें [शिक्षक दिवस]

गुरु का आओ सम्मान करें, उनकी आज्ञा पालें , छात्र जीवन है कच्चा घड़ा, खुद को उन सम ढालें |   गुरु का आओ सम्मान करें, ज्ञान का वरदान लें ,…

Started by Sarita Bhatia

6 Nov 12, 2013
Reply by Sarita Bhatia

प्यारे! बादल क्यों रोते हो?

प्यारे! बादल क्यों रोते हो? प्यारे! बादल क्यों रोते हो? आसूं से धरा भिगोते हो। तुमको मौसम तनिक न भाया, देखो कितना तोय बहाया।। डूबे खेत-बा…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

7 Nov 10, 2013
Reply by केवल प्रसाद 'सत्यम'

सदस्य कार्यकारिणी

उत्थान

उत्थान (भारत के स्वाधीनता दिवस के 66वीं वर्षगाँठ पर बच्चों के प्रति) बच्चों यह जो आज तिरंगा लहराता    यह अम्बर जो आज खुशी के गाता गीत, पूछो…

Started by sharadindu mukerji

4 Aug 29, 2013
Reply by बृजेश नीरज

बाल ग़ज़ल

अरे बच्चों चलो देखें, नया सर्कस जो आया है। तमाशों का पिटारा इक वो अपने संग लाया है। लिये ढोलक चले ठुम-ठुम बँदरिया झूमती-गाती, चलाता साइक…

Started by कुमार गौरव अजीतेन्दु

7 Aug 14, 2013
Reply by vandana

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service