For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मुझे यह बताते हुए बहुत ही खुशी हो रही है कि मैथिली मे गजल विकसित तो हो ही रही है साथ ही साथ " बाल गजल " की अवधाराणा भी आयी है और प्रचुर मात्रा मे बाल गजल लिखी जा रही है। वैसे तो हिन्दी-उर्दू मे बाल विषयक कई गजल और नज्में हैं मगर अलग से कोई बाल गजल की अवधाराणा नहीं आयी इसका कारण वीनस केसरी जी ने बड़े धैर्य के साथ मुझे बताया।

विदेह ( मैथिली की पाक्षिक ई पत्रिका) ने आज इस पक्ष का अपना अंक बाल गजल पर केन्द्रित किया हैं |

... आज मैथिली गजल जिस जगह पर हैं उसका बहुत कुछ श्रेय कुँअर बेचैन, पंकज सुबीर, गौतम राजरिषी, तिलक राज जी, गणेश जी बागी, सौरभ पांडेय और अन्यान्य मनीषीयों को जाता है क्योंकि गजल का जो कुछ भी सीखा वह इन्हीं लोगों से सीखा और उसे मैने मैथिली के अन्य गजलकारों में बाँट दिया।

सभी को सादर आभार प्रगट किया जाता है।

Views: 1047

Reply to This

Replies to This Discussion

भाई आशीष अन्चिन्हारजी,

जिस समाज का बालसाहित्य उन्नत होता है और समय के साथ सकारात्मक रूप से परिवर्तित और परिवर्धित होता जाता है, उस समाज की वैचारिक गरिमा तथा उसका सांस्कृतिक इतिहास ही केवल समुन्नत नहीं होता जाता बल्कि आने वाली पीढ़ियाँ भावनाओं और वैचारिक रूप से सुदृढ़ होती जाती हैं. किसी समाज का भविष्य उस समाज के बालसाहित्य को देख कर जाना जा सकता है.

इस क्षेत्र में आपकी एकाकी तपस्या ने मिथिलांचल के कितने स्थापित और ऊर्जस्वी रचनकारों को प्रभावित किया है इसका सटीक उत्तर ’विदेह’ से मिला. अभिभूत हो कर आपकी प्रबल साधना के लिये, साथ ही साथ, मैथिलभाषी रचनाधर्मियों को ’बाल-गज़ल’ के प्रति वैचारिक ही नहीं सक्रिय रूप से उत्प्रेरित करने के लिये आपके प्रति हार्दिक रूप से आभारी होने के साथ-साथ आपको हार्दिक धन्यवाद भी कह रहा हूँ. जिस उत्फुल्लता और उत्साह से मिथिलांचल में ’बाल-ग़ज़ल’ की अवधारणा को स्वीकृति मिली है और जिस तरह से ग़ज़लें कही गयीं हैं या अन्य उच्च रचनाएँ प्रसूत हुई हैं कि मिथिलावासियों (पाठकों) के सद्भाग्य पर मुझे गर्व होता है.

आपको पुनः धन्यवाद कहते हुए मिथिलाभाषा की सर्वोन्नति के लिये विश्वास अभिव्यक्त कर रहा हूँ.  ओबीओ का प्रस्तुत मंच आपके इस सद्प्रयास में कदम-दर-कदम सहभागी है.

सादर

आप मैथली ग़ज़ल के लिए जो कार्य कर रहे हैं वह आने वाले समय में वैसे ही सराहा जायेगा जैसे हिन्दी ग़ज़ल के लिए दुष्यंत त्यागी जी के कार्यों को याद किया जाता है

बधाई एंव आभार

धन्यवाद आप सभी का। यह तो आप लोगों के सहयोग से ही हुआ है।

आशीष जी, बाल ग़ज़ल की अवधारणा को हिन्दी ग़ज़ल के क्षेत्र में भी प्रयोग के रूप में अपनाया गया है और यह प्रयोग सफल भी रहा है

सफल इन मायनों में कि भारत के कई नामचीन शायर बाल ग़ज़ल लिख रहे हैं और इसके विस्तार के लिए प्रयत्न शील हैं
हिन्दी में बाल ग़ज़ल लिखने का सिलसिला बाल साहित्यकार श्री निरंकार देव सेवक से आरम्भ हुआ है
यदि आप रोहिताश्व अस्थान की पुस्तक हिन्दी ग़ज़ल -'उद्भव और विकास'  पढ़े तो आपको उसमें बाल ग़ज़ल पर ८ पेज का एक  अच्छा खासा लेख पढ़ने को मिलेगा जिससे स्पष्ट होता है कि बाल ग़ज़ल को हिन्दी ग़ज़लकारों में किस रूप में स्वीकार किया है 


पुस्तक विवरण
हिन्दी ग़ज़ल -'उद्भव और विकास'
(ग़ज़ल आलोचना)
रोहिताश्व अस्थान
सुनील साहित्य सदन, दरियागंज, दिल्ली
मूल्य ६३० रुपये

धन्यवाद इस अमूल्य ज्ञान को बाँटने के लिये।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted a discussion

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)

आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत…See More
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"इल्म गिरवी है अभी अपनी जहालत के लिए ढूँढ लो क़ौम नयी अब तो बग़ावत के लिए अब अगर नाक कटानी ही है हज़रत…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर सुंदर गजल हुई है। गिरह भी खूब लगाई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"2122, 1122, 1122, 112/22 सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सादर अभिवादन।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सर कोई जब न उठा सच की हिमायत के लिएकर्बला   साथ   चले   कौन …"
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
" स्वागतम "
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
Apr 21
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Apr 20
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Apr 19
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
Apr 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service