For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गिरिराज भंडारी's Discussions (4,586)

Discussions Replied To (3397) Replies Latest Activity

"आदरणीय दण्डपाणी भाई , बढिया कही है ग़ज़ल , बधाई "

गिरिराज भंडारी replied Jun 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108

199 Jun 28, 2019
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय आसिफ भाई , बधाई अच्छी ग़ज़ल कही ! मुख फाड़ेगा जो कलयुग तो ये सतयुग ने कहा ..   …"

गिरिराज भंडारी replied Jun 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108

199 Jun 28, 2019
Reply by Samar kabeer

"आ. सुरेंदर भाई ग़ज़ल अच्छी कही , बधाई आपको "

गिरिराज भंडारी replied Jun 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108

199 Jun 28, 2019
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय आरिफ भाई , आपकी इस सफलता ने पूरे ओ बी ओ मंच को नई उचाई प्रदान की है . आपको और…"

गिरिराज भंडारी replied Sep 26, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3543 Dec 28, 2023
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"आदरणीय आरिफ भाई , आपकी इस सफलता ने पूरे ओ बी ओ मंच को नई उचाई प्रदान की है . आपको और…"

गिरिराज भंडारी replied Sep 26, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3543 Dec 28, 2023
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

सदस्य कार्यकारिणी

"बहुत खूब आदरणीय मिथिलेश भाई , बढिया रिपोर्टिंग की है , रचनाओं की कई पंक्तियाँ देने स…"

गिरिराज भंडारी replied Sep 18, 2017 to मासिक साहित्यिक संगोष्ठी ओबीओ चेप्टर भोपाल : सितम्बर 2017 :: एक रपट

5 Sep 24, 2017
Reply by Hariom Shrivastava

"आदरणीय शिज्जु भाई , हौसला अफज़ाई का शुक्रिया ।"

गिरिराज भंडारी replied May 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

"आदरणीय सतविन्द्र भाई , गज़ल की सराहना के लिये आपका हार्दिक आभार । कुछ कठिन शब्दों के…"

गिरिराज भंडारी replied May 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

"क्या बात है ,  आदरनीय बहुत अच्छी ग़ज़ल कही है शे र दर शेर मुबारकबाद कुबूल कीजिये ।"

गिरिराज भंडारी replied May 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

"आदरनीय नायाब भाई , अच्छी ग़ज़ल कही है हार्दिक बधाइयाँ । मतले के सानी मे  -- क़ल्ब ए जि…"

गिरिराज भंडारी replied May 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83

467 May 28, 2017
Reply by sunanda jha

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-167
"ग़ज़ल ~2122 1122 1122 22/112 तोड़ कर दर्द की दीवार वो बाहर निकला  दिल-ए-मुज़्तर से मिरे एक…"
31 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक ..रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे रचे हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted blog posts
Sunday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-167

परम आत्मीय स्वजन,ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 167 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है ।इस बार का…See More
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-109 (सियासत)
"यूॅं छू ले आसमाॅं (लघुकथा): "तुम हर रोज़ रिश्तेदार और रिश्ते-नातों का रोना रोते हो? कितनी बार…"
Apr 30
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-109 (सियासत)
"स्वागतम"
Apr 29
Vikram Motegi is now a member of Open Books Online
Apr 28
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .पुष्प - अलि

दोहा पंचक. . . . पुष्प -अलिगंध चुराने आ गए, कलियों के चितचोर । कली -कली से प्रेम की, अलिकुल बाँधे…See More
Apr 28
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-166
"आदरणीय दयाराम मेठानी जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
Apr 27
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-166
"आ. भाई दयाराम जी, सादर आभार।"
Apr 27
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-166
"आ. भाई संजय जी हार्दिक आभार।"
Apr 27
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-166
"आ. भाई मिथिलेश जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Apr 27

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service