For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

kanta roy's Discussions (2,219)

Discussions Replied To (1839) Replies Latest Activity

"वाह ! बहुत ही सुंदर काव्यमय प्रतिक्रिया दी है आपने । हृदयतल से आभार आपको ।"

kanta roy replied Dec 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आभार आपको रचना पसंदगी हेतु आदरणीया कल्पना जी ।"

kanta roy replied Dec 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आपके सान्निध्य में कोशिश कर रही हूँ । हम सब पर आपकी कृपा वाली पैनी दृष्टि बनी रहे ,य…"

kanta roy replied Dec 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"जी , बिलकुल सही कह रहे है आप , मै कोशिश करती हूँ इस पर एक बार और । हौसला बढाने के लि…"

kanta roy replied Dec 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"__/\__/\__/\__"

kanta roy replied Dec 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"छन्न पकैया छन्न पकैया, हमहुँ एकरा लिखबै जे हेतइ से हेबे करतई , एकटा फकरा लिखबै------…"

kanta roy replied Dec 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"छन्न पकैया छन्न पकैया, गजबै राम कहानी बहुतै सुन्नर छंद रचे हैं, हम तो नाचत बानी-----…"

kanta roy replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"__/\__/\__/\__"

kanta roy replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"सुन्दर प्रतीकों का अलंकरण शब्दों ने  भावों का गहना मानो पहन लिया।कोमल क्षण  की मधुर…"

kanta roy replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"पहल अभी भी जारी है, बहस अभी भी जारी हैसंविधान गुण गाते गाते, हो हल्ला की बारी हैदेखे…"

kanta roy replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service