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kanta roy's Discussions (2,219)

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"उतरन में दीवाली मनाती दो चमक भरी आँखें।  बिना किसी अतिरेकता के,  बहुत ही सुन्दर भावा…"

kanta roy replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"स्त्री के दो रूप , एक झुकती हुई स्त्री दासी के सामान , दूसरी अपने व्यक्तिक रुतबे से…"

kanta roy replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"कथा अब एकदम से स्पष्ट होकर निकली है।  वाक्य विन्यास का सुन्दरतम उदहारण। सादर "

kanta roy replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"पवित्र मन की आकांक्षाऐं सदा पूरी होती ही है।  इतनी सार्थक प्रवाहमय कथा में कालखंड आन…"

kanta roy replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"दर्द तो दिल में मायूसी का छाया रहता है ,जो धीरे -धीरे देह के पोर -पोर तक समाता जाता…"

kanta roy replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"माँ का सुन्दर होना एक सहज भाव है बच्चे के मन की ,और आपने इसे बड़ी ही सहजता से ,  खूबस…"

kanta roy replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"मेरे सपने मेरी आकाँक्षायें " अगले हफ्ते आॅफिस से लम्बी छुट्टी लेकर बाहर जाने का प्…"

kanta roy replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"वाह !!! बहुत खूबसूरत गजल की प्रस्तुति हुई है । बधाई !"

kanta roy replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"__/\__/\__/\__ :)))))"

kanta roy replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह !!! ये बात हुई ना !  बहुत बढ़िया "

kanta roy replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

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