For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

इमरान खान's Discussions (790)

Discussions Replied To (588) Replies Latest Activity

"जनाब जीतेन्द्र साहब ग़ज़ल को पसंद करने और शेर दर शेर दाद देने का बहुत बहुत शुक्रिया."

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"जनाब आशीष साहब शेर अपने पसंद किया, बेहद शुक्रिया."

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"जनाब अजीत शर्मा साहब शेर को पसंद करने के लिए शुक्रिया."

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"जनाब मुकेश वर्मा साहब, ग़ज़ल को पसंद फरमाने का बेहद शुक्रिया."

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"जनाब भुवन निस्तेज साहब, आप ग़ज़ल को दोहरा-दोहरा कर पढ़ रहे हैं, ये मेरे लिए फख्र की बात…"

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"जनाब तिलक राज कपूर साहब आपकी टिपण्णी से मेरी ग़ज़ल ने एक इनाम पा लिया है, बहुत बहुत शु…"

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"आदरणीय सौरभ भाई.... बहुत खूबसूरत आगाज़ हुआ है, आपको मुबारकबाद इसके लिए.. आपका शब्द चय…"

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"धन्यवाद् अखंड गहमरी साहब. दसियों जगह पे मार दिया एक ही जुमला, कोई 'न्यू कमेंट' आपको…"

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"आवारगी में और गँवाना तो है नहीं, है अस्ल ज़िन्दगी ये फसाना तो है नहीं। कहते नहीं कभी…"

इमरान खान replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"ओह सख्त अफसोस! हबीब भाई भी साथ छोड़ गये, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार वालों…"

इमरान खान replied Apr 19, 2014 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service