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विनोद खनगवाल's Discussions (134)

Discussions Replied To (131) Replies Latest Activity

"आदरणीया अर्चना त्रिपाठी जी, गुरू-शिष्यों के इस विषय पर बहुत बार लिखा जा चुका है। नए…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय पंकज जोशी जी बहुत शानदार लघुकथा बनी है इंसानियत एक आतंकवादी के दिल में भी जाग…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया नेहा अग्रवाल जी कुछ समझ नहीं आया कहना क्या चाहते हो?"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय ओमप्रकाश क्षत्रिय जी, यह लघुकथा तो बिल्कुल भी नहीं है किसी आपसी मुलाकात के इं…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी, राजनीति की बहुत सही परिभाषा गढी है। इसका ज्ञान और जागरण आमजन…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया नीरज शर्मा जी, लघुकथा तथ्यों के हिसाब से बहुत कमजोर बनी है। पहली बात तो मृत्…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया रीता गुप्ता जी, समाज अब मार्डन हो गया है। दहेज को लेकर सामाजिक चेहरा अलग रखन…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया सीमा सिंह जी, लघुकथा अच्छी बनी है। आपकी लघुकथा को पढकर मुझे अपने घर का दृश्य…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी, लगता है लघुकथा में वर्ण व्यवस्था को लेकर व्यथित मन की भावन…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी, स्वर्ग-नर्क का तो पता नहीं होता है या नहीं। लेकिन सुख-सुवि…"

विनोद खनगवाल replied Aug 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-5 (विषय: परिभाषा)

1028 Aug 31, 2015
Reply by Saurabh Pandey

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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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